सिरसवां दोराहा। भगतपुर टांडा ब्लॉक के सिरसवां गौड़ गांव में हाईवे निर्माण के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या दूर करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों के लगातार विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने मंगलवार को पानी की निकासी के लिए पाइप डाल दिए। इससे गांव में जमा होने वाले पानी की समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिली है।
हाईवे निर्माण के दौरान सिरसवां गौड़ गांव के सामने पानी की निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। घरों और बारिश का पानी गांव में भरने लगा था, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश होने पर स्थिति और भी खराब हो जाती थी। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने डीएम और मंडल आयुक्त से शिकायत की थी। अधिकारियों ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को पानी की निकासी के लिए पाइप डालने के निर्देश दिए। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने मौके पर काम शुरू किया लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण काम बीच में ही रोक दिया गया। काम रुकने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई थी।
काम रुकने के बाद सिरसवां गौड़ के ग्रामीण एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। उन्होंने धरना प्रदर्शन कर अपनी मांग रखी। छठवां वार्ड के लोग भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों के दोबारा हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम फिर सक्रिय हुई। टीम मंगलवार को मौके पर पहुंची और पानी की निकासी के लिए पाइप डालने का काम शुरू किया। पाइप डालने का काम पूरा होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उनका कहना है कि पानी की निकासी का रास्ता बनने से अब गांव में जलभराव की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। ग्रामीणों ने समस्या का संज्ञान लेने और काम शुरू करने के लिए डीएम, मंडल आयुक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि एकजुट होकर आवाज उठाने से ही उनकी मांग पूरी हुई। इस मौके पर प्रधान रूप सिंह, प्रमोद कुमार, सुनील ठेकेदा,र रचित बघेल, सुभाष सिंह, बंटी पाल, प्रीतम सिंह, पाल रिंकू यादव, अनूप सिंह, दौलत सिंह, तालाब सिंह, हरस्वरूप, चेतराम, ओमप्रकाश, संजू, राजपाल, सुनील ठेकेदार, करतार सिंह, श्याम लाल, रामकिशोर, राम भरोसे, राम रूप सिंह, रामलाल, कैलाश आदि मौजूद थे।