बेसिक स्कूलों में लाखों रुपये का यूनिफार्म घोटाला सामने आया है। जिले के दस से अधिक स्कूलों में छात्र - छात्राओं को यूनिफार्म बांटे बगैर ही रिकार्ड में महज खानापूरी कर दी है। जिले के कई स्कूल ऐसे जिन्होंने बाजार भाव से अधिक दर पर बिना किसी टेंडर के यूनिफार्म खरीदी हैं जबकि कई स्कूलों ने फर्जी फर्म दर्शाकर यूनिफार्म खरीद में घोटाला किया है। मामला प्रकाश में आने के बाद डीएम ने प्रकरण में जांच बैठा दी है।
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में छात्र - छात्राआें को सरकार की ओर से यूनिफार्म दी जाती है। इसके लिए सभी स्कूलों को बजट दे दिया जाता है। स्कूलों में यूनिफार्म खरीदने के लिए क्रय कमेटी गठित की जाती हैं। ये क्रय कमेटियां नियमों के अनुसार टेंडर निकालकर यूनिफार्म क्रय करती हैं। लेकिन कुछ स्कूलों ने यूनिफार्म खरीद में घोटाला किया है। जिले के दस स्कूलों ने बच्चों को यूनिफार्म नहीं दी गई हैं।
यूनिफार्म खरीद में गड़बड़ियों की भनक लगने के बाद डीएम ने गोपनीय जांच कराई तो घोटाले की परतें उघड़ती चली गईं। प्राथमिक छानबीन में पता चला है कि कई स्कूलों ने बिना टेंडर के ही मार्केट रेट से अधिक दर पर ड्रेस खरीद ली हैं। डीएम जुहैर बिन सगीर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाणिज्यकर विभाग के अफसरों को मामले में जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित स्कूलों के शिक्षकों और क्रय कमेटियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।