मुरादाबाद। चूड़ियों की खनक की पीछे कुंदरकी ब्लाक के गांव भांडली के 250 परिवारों का रोजगार छिपा है। कोरोना संक्रमण काल में पुुरुषों की आमदनी छिनी तो चूड़ियां आमदनी का जरिया बन गई। घर में युवतियाें और महिलाओं ने चूड़ियों में आमदनी के नग लगाए। बुरे हालात में परिवार की आमदनी भी बढ़ाई।
नगर पंचायत पाकबड़ा से पांच किमी दूर कुंदरकी ब्लाक का गांव भांडली है। यहां की आबादी करीब पंद्रह हजार है। गांव के लोग खेती किसानी के अलावा मेहनत मजदूरी करते हैं। कोरोना संक्रमण काल में खेती किसानी तो चलती रही, लेकिन मेहनत मजदूरी रुक गई। परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी। इस मुश्किल खड़ी में चूड़ियों में नग लगाने का काम सराहा बनी। कारोबारियों से चूड़ी लाकर घर बैठे युवतियों और महिलाओं ने नग लगाने का काम किया। बुरे हालत में गांव के 250 परिवारों की युवतियों और महिलाओं ने घर की आमदनी बढ़ाई। इस रोजगार से एक परिवार एक दिन में 500 से 700 रुपये कमा लेता है। इसके लिए युवतियों और महिलाओं को कहीं जाने की भी जरूरत नहीं पड़ती है।
- फिरोजाबाद से चूड़ी का कच्चा माल लाता हूं। जिस पर भांडली गांव में नग लगवाने का काम कराया जाता है। बारह चूड़ियों पर नग लगाने के बदले चार रुपये दिए जाते हैं। इस काम में गांव के 200 से 250 परिवार जुड़े हैं। - शफीक अहमद, चूड़ी कारोबारी
- गांव में घर-घर चूड़ियों में नग लगाने का काम किया जाता है। घर बैठे रोजगार मिला है। घर के काम के बाद खाली बैठीं युवतियां और महिलाएं नग लगाने का काम करतीं हैं। इससे परिवार की आमदनी होती है। - इरशाद, प्रधान पति