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निर्यात इंडस्ट्री पर आतंक और मंदी की मार

Thu, 31 Mar 2016 01:50 AM IST
तरुण पाराशर/ मुरादाबाद अमर उजाला
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एक्सपोर्ट इंडस्ट्री पर भी आतंक का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा है। आतंक के संभावित तरीकों से बचने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। जिसमें घातक रसायन के उनके देश में पहुंचने से रोकने की भी व्यवस्था की जा रही है।
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इसके लिए जिन देशों के साथ कारोबार होता और प्रोडक्ट निर्यात होते है उन देशों के साथ सीटीपेट (कस्टम ट्रेड पार्टनरशिप अगेंस्ट टेररिज्म) समझौता किया गया है। जिसके तहत फैक्ट्रियों में सुरक्षा और निगरानी के लिए लंबी चौड़ी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है। अगर वे शर्त पूरी नहीं होती तो आर्डर नहीं मिलेंगे अगर मिल भी गए और दौरे के दौरान सुरक्षा के मानक पूरे नहीं मिले तो आर्डर कैंसिल कर दिए जाएंगे।

विदेशों में होने वाले आतंकी हमलों को लेकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसके साथ ही पहले से बनाए गए नियम और कानूनों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जिसका असर भारत में दिखाई दे रहा है।
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भारत से दुनिया के लगभग हर देश में विशेष तौर पर पश्चिमी देशों में हैंडीक्राफ्ट उत्पाद निर्यात होते हैं। कहीं उत्पादों के माध्यम से खतरनाक रसायन और धातु उन देशों में न पहुंच जाएं, इसके लिए सीटीपेट समझौतेे को सख्ती से लागू कराया जा रहा है।
  फैक्ट्रियां सीसीटीवी से लैस मुरादाबाद की फैक्ट्रियों में गेट से ही सुरक्षा पर पूरा सिस्टम सक्रिय हो गया है। सभी जगह सीसी कैमरे लगाए गए हैं। गेट पर बिना एंट्री किए और पास लिए बिना अंदर नहीं जा सकते। अगर कोई विजिटर आता है तो वह केवल आफिस तक ही जाएगा। प्रोडक्शन वाले हिस्से में उसे एंट्री नहीं दी जाएगी।

इसके साथ प्रोडक्शन यूनिट में केवल वर्कर को ही एंट्री मिलेगी। प्रोडक्ट तैयार होने के बाद पैकिंग के लिए जाने पर वहां एक पीली लाइन बनाई जाएगी। जिसके पीछे ही पैकिंग वाले प्रोडक्ट रखे जाएंगे। वहां को बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकेगा।
  उत्पादों की धातु स्कैनर से होगी चेकिंग प्रोडक्ट की पैकिंग से पहले धातु स्कैनर से चेकिंग भी जाएगी। निर्यातक सतपाल ने बताया कि सीटीपैट को सख्ती से लागू कराया जा रहा है। सभी निर्यातकों को मानक पूरे करने पड़ रहे हैं। बायर्स समय समय पर आकर फैक्ट्री में निरीक्षण करते हैं। अगर उन्हें मानक पूने नहीं मिलते तो आर्डर कैंसिल कर देते हैं। वहीं किसी भी प्रकार से कोई खामी पोर्ट तक पहुंच जाती है तो उसमें निर्यातक के साथ ही बायर को भी सजा भुगतनी पड़ेगी।
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