मुरादाबाद। डीआरडीओ पाकिस्तान को जंग में धूल चटाने वाली आकाश, अस्त्र जैसी घातक मिसाइल के मॉडल को वार मेमोरियल को उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा हेलीकाॅप्टर और टैंक से दागी जाने वाली मिसाइलों से शहर को रूबरू कराएगा।
सोमवार को डीआरडीओ के डायरेक्टर (पब्लिक इंटरफेस) विपिन कौशिक ने बुद्धि विहार में नगर निगम द्वारा निर्मित वार मेमोरियल का निरीक्षण किया। उन्होंने डीआरडीओ द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आधुनिक सैन्य उपकरणों की इंस्टॉलेशन प्रक्रिया एवं तकनीकी के बारे जानकारी दी। साथ ही नगर निगम के कार्यों की प्रशंसा की। बताया कि यहां डीआरडीओ के सैन्य उपकरणों का गौरवशाली प्रदर्शन होगा। मुरादाबाद का वार मेमोरियल न केवल शौर्य और पराक्रम का प्रतीक बनेगा, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए देशभक्ति और प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इस बीच नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने स्मारक के निर्माण की अवधारणा, वास्तुशिल्पीय विशेषताओं और भविष्य में स्थापित किए जाने वाले सैन्य मॉडलों के संबंध में अपनी जानकारी को साझा किया। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ दुश्मनों को जंग में पटखनी देने वाली मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल, हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल, नौसेना क लिए विकसित वरूणास्त्र टॉरपीडो, एडवांस लाइट वेट टाॅरपीडो, दुश्मन को भ्रमित करने वाली मरीच टाॅरपीडो, पाकिस्तान के रडार को जाम करने वाली रुद्रम एंटी-रेडिएशन मिसाइल, तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल नाग, हेलीकॉप्टर से दागी जाने वाली आधुनिक एंटी-टैंक मिसाइल हेलीना, सैंट मिसाइल, त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल क्यू आरएसएएम -1, भारत का स्वदेशी विकसित मेन बैटल टैंक अर्जुन एमबीटी का मॉडल उपलब्ध कराएगा।