मुरादाबाद। नगर निगम बेशक तलीझाड़ नाला सफाई के दावे कर रहा हो लेकिन शहर के विभिन्न इलाकों की तस्वीरें स्वच्छता के दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। सिविल लाइंस, बारादरी, कटघर, जिगर कॉलोनी समेत शहर के कई इलाकों में नाले गंदगी से पटे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि कई साल से इनकी सफाई नहीं हुई है। हाल ही में बारिश हुई तो पानी सड़कों पर आ गया और लोगों के घरों में घुस गया।
झब्बू का नाला, तहसील स्कूल समेत जिन इलाकों में अंडरग्राउंड नालों की सफाई हुई है, वहां भी नालियां चोक हैं। लेबर को सीवर के मैनहोल में घुसाकर बाल्टियों से नाले साफ किए गए हैं। किसी प्रकार की मशीनरी का प्रयोग नहीं हुआ है। लाइनपार, जयंतीपुर, करूला, प्रिंस रोड, गलशहीद, सिविल लाइंस, बारादरी, जिगर कॉलोनी, कटघर, लाजपत नगर, डिप्टी गंज और बुद्धि विहार आदि इलाकों में नाले अब तक साफ नहीं हुए हैं। इसकी वजह से गंदा पानी सड़कों पर आ रहा है।
सिविल लाइंस : बोनी एनी स्कूल के पास नाला चोक
सिविल लाइंस में बोनी एनी स्कूल के पास नाला चोक है। काली गाद और कूड़े की मोटी परत साफ दिखाई दी। प्लास्टिक, पॉलिथीन और घरेलू कचरा नाले के बहाव को रोक रहा है। कुछ जगहों पर पानी ठहरा हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी आते तो हैं, लेकिन तली तक सफाई नहीं होती। बारिश में यही नाले उफनकर सड़क पर गंदा पानी जमा कर देते हैं।
बारादरी चौक: गाद से भरा नाले, सड़क तक पहुंचा पानी
बारादरी क्षेत्र में नालों की स्थिति चिंताजनक मिली। कई जगह नालों का आधे से अधिक हिस्सा गाद से भरा हुआ है। किनारों पर कचरा जमा है। हाल की बारिश के दौरान नालों का पानी सड़क तक पहुंच गया था, जिसके निशान अब भी दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों से मशीनों से तलीझाड़ सफाई नहीं हुई, इसलिए हर बारिश में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है।
जिगर कॉलोनी : दुर्गंध और रुके पानी से लोग परेशान
जिगर कॉलोनी में नालों के ऊपर कूड़े की परत और भीतर सड़ता पानी नजर आया। कई स्थानों पर पानी का बहाव लगभग बंद मिला। नालों से उठ रही दुर्गंध आसपास रहने वालों की परेशानी बढ़ा रही है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बारिश के समय गंदा पानी गलियों में भर जाता है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है।
कटघर-लाजपत नगर : मानसून से पहले ही बिगड़े हालात
कटघर और लाजपत नगर में नालों के भीतर गाद की मोटी परत जमी मिली। कई जगह कूड़ा और झाड़ियां नालों के बीच तक फैली हुई हैं। बारिश के बाद सड़क किनारे गंदगी के ढेर दिखाई दिए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द तलीझाड़ सफाई नहीं हुई तो मानसून में नाले पानी संभाल नहीं पाएंगे और जलभराव की समस्या पहले से ज्यादा गंभीर हो जाएगी। अभी से नालों की हालत निगम के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
वर्जन
नालों की सफाई निरंतर चल रही है। जहां कमी रह गई है, वहां टीम को निर्देशित कर सही ढंग से कार्य कराया जाएगा।
- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त