डीपीएस : मई माह के एक सप्ताह बाद भी फ्रेंचाइजी का असमंजस बरकरार
- जिलाधिकारी ने कहा, सोमवार को प्रबंधकों से ली जाएगी अब तक किए प्रयासों की जानकारी
मुरादाबाद। डीपीएस मामले में मई माह का एक सप्ताह बीतने के बाद भी फ्रेंचाइजी की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हो रहे हैं। जिलाधिकारी का कहना है कि सोमवार को प्रबंधकों द्वारा फ्रेंचाइजी वापस लेने के संबंध में अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली जाएगी।
दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसाइटी ने एक अप्रैल 2022 से स्कूल की फ्रेंचाइजी निरस्त कर दी है। सोसाइटी के चेयरमैन वीके शुंगलु ने 30 मार्च 2021 को ट्रस्ट के अध्यक्ष एसके सिंघल को पत्र जारी कर इसकी सूचना अभिभावकों और विद्यार्थियों को देने व एक अप्रैल 2022 से डीपीएस का नाम व लोगो न इस्तेमाल करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद ट्रस्टी एसके सिंघल ने मामले से विद्यार्थियों और अभिभावकों को अंधेरे में रखा। नए सत्र में यातायात की सुविधा न मिलने पर अभिभावकों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद उन्हें आठ अप्रैल को फ्रेंचाइजी निरस्त होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अभिभावकों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की थी। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने एडीएम सिटी आलोक वर्मा को मामले की जिम्मेदारी सौंपी। आलोक वर्मा के माध्यम से प्रबंधकों ने विद्यालय के संचालन और मई माह तक फ्रेंचाइजी वापस लेने के प्रयास करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक फ्रेंचाइजी वापस मिलने या सोसाइटी जाने की तारीख निर्धारित न होने से अभिभावक परेशान हैं। शिक्षकों के अनुसार प्रतिदिन 70 से 80 अभिभावकों के फोन फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी लेने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें भी कोई जानकारी नहीं होने के कारण वह अभिभावकों को कुछ बता नहीं पा रहे हैं। प्रबंधकों को अभिभावकों की परेशानी से अवगत करा दिया गया है, लेकिन उन्होंने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यदि डीपीएस से मान्यता नहीं मिलती है तो मई के बाद यह स्कूल किसी अन्य नाम से संचालित किया जाएगा, क्योंकि स्कूल के पास सीबीएसई की मान्यता है। प्रबंधकों को स्कूल को कम से कम दो वर्ष तक संचालित करने को कहा है, जिससे नवीं में आए विद्यार्थी हाईस्कूल और 11वीं के विद्यार्थी 12वीं क्लास उत्तीर्ण कर लें और उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी न हो। सोमवार को प्रबंधकों से फ्रेंचाइजी वापस लेने के लिए उनके द्वारा अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी ली जाएगी।
शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी।