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नौनिहालों को कोविड से बचाने के लिए अभिभावकों

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मुरादाबाद। सभी स्कूल-कॉलेज व अन्य गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इसके बावजूद अभिभावक बच्चों के टीकाकरण के प्रति उदासीन बने हुए हैं। स्थिति यह है कि 12 से 14 आयु वर्ग में जनपद में 45.4 फीसदी किशोरों को ही कोरोना से बचाव का दूसरा टीका लग सका है। सीएमओ का कहना है कि टीकाकरण के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए घर-घर जाकर संपर्क किया जाएगा।
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जिले में इस साल जनवरी से 15 से 17 आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में 2,17,579 किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इसकी तुलना में 91 फीसदी किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है, जबकि 80.6 फीसदी किशोरों को दूसरा टीका लगा है। ऐसे ही 16 मार्च को जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के किशोरों के टीकाकरण की शुरुआत हुई। 1,31,410 किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है, लेकिन लक्ष्य की तुलना में अभी तक जिले में 87.6 फीसदी किशोरों को पहला और 45.4 फीसदी किशोरों को दूसरा टीका लगा है। किशोरों के टीकाकरण में शहरी क्षेत्र में पहली डोज में 61 फीसदी और दूसरी डोज में महज 28.4 फीसदी है।
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कोरोना बचाव से टीका लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए आशा-आंगनबाड़ी घर-घर जाकर संपर्क करेंगी। सौ फीसदी लक्ष्य हासिल होने तक वह लोगों को संपर्क करेंगी और अपने नजदीकी सत्र पर टीका लगवाने के लिए आह्वान करेंगी।
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डॉ. एमसी गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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कोरोना से बचाव का टीका लगाने से माता-पिता और किशोरों को मानसिक रूप से संतुष्टि मिलती है। किशोरों के अंदर रोग से लड़ने के प्रति इच्छा शक्ति मजबूत होती है। यदि किसी को कोविड हो जाता है तो वह गंभीर संक्रमण की चपेट में आने से बच जाता है। इसके अलावा उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। अभिभावक स्वयं अपना और अपने बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके स्कूल में शिविर लगाया जा रहा है तो वह स्कूल में टीका जरूर लगवा लें।
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डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल।
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