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Moradabad News: भ्रम में न पड़ें... पैरासिटामोल दवा सबसे सुरक्षित

सार

मुरादाबाद के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने राष्ट्रपति ट्रंप की गर्भवती महिलाओं को पैरासिटामोल न देने की सलाह को अव्यवहारिक बताया है। उनका कहना है कि पैरासिटामोल सुरक्षित है और इससे कोई मानसिक विकार या खतरा प्रमाणित नहीं हुआ है।
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विस्तार
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मुरादाबाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गर्भवती महिलाओं को पैरासिटामोल का इस्तेमाल न करने की सलाह को शहर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अव्यवहारिक बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि पैरासिटामोल सबसे सुरक्षित दवा है और इसका कोई खतरा नहीं है।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मुरादाबाद शाखा में करीब 200 स्त्री व प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। इनमें से 15 से अधिक डॉक्टरों से अमर उजाला ने बात की। सभी का कहना है कि गर्भावस्था में बुखार में जाने वाले दवाओं में पैरासिटामोल सबसे सुरक्षित है। इसके इतर डाइक्लोफेनाक व अन्य दवाओं को डॉक्टर देने से बचते हैं। इन दवाओं से गर्भस्थ शिशु को हृदय रोग का खतरा हो सकता है लेकिन पैरासिटामोल से कोई खतरा नहीं है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. सीपी सिंह का कहना है कि आधुनिक मेडिकल लिटरेचर में भी पैरासिटामोल को सबसे सुरक्षित ड्रग बताया गया है। इसके कारण बच्चों में एडीएचडी या ऑटिज्म होने से संबंधित कोई प्रमाणिक रिपोर्ट नहीं आई है। दुनिया भर की मेडिकल रिसर्च एसोसिएशन पैरासिटामोल को मान्यता देती हैं।
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मुरादाबाद ऑब्सट्रेटिक्स एंड गाइनेकोलॉजी सोसायटी की अध्यक्ष दीपाली वर्मा कहती हैं कि एक अध्ययन के मुताबिक पैरासिटामोल ड्रग कैटेगरी-बी में आता है। इसे देने से कोई खतरा नहीं है। ओपीडी में आने वाले गर्भवती महिलाओं को हम 650 एमजी तक पैरासिटामोल देते हैं।

यह है ट्रंप का बयान
अमेरिका में जल्द ही डॉक्टरों से कहा जाएगा कि वह गर्भवती महिलाओं को दर्द निवारक दवा टाइलेनॉल (पैरासिटामोल) की सलाह न दें। इस दवा और ऑटिज्म के बीच विवादित संबंध है। टाइलेनॉल फायदेमंद नहीं है और गर्भवती महिलाओं को इसे सिर्फ तेज बुखार की गंभीर स्थिति में ही लेना चाहिए। इस दवा के कारण गर्भस्थ शिशु में एडीएचडी व ऑटिज्म जैसे मानसिक विकार का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

डॉक्टर बोले- अमेरिका में ही 55 साल से इस्तेमाल हो रही दवा
डीएम एंडोक्राइनोलॉजी डॉ. सैयद मो. रजी का कहना है कि अमेरिका में ही पिछले 55-60 साल से एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल हो रहा है। टाइलेनॉल या पैरासिटामोल इसी के घटक हैं। अमेरिका में पिछले 15 सालों में ऑटिज्म के मामले बढ़े हैं। एक अध्ययन के मुताबिक वहां 100 से 15 बच्चों में ऑटिज्म का खतरा रहता है। हालांकि इन मानसिक विकारों के पीछे जेनेटिक कारण हो सकते हैं। दवाओं का भी दुष्प्रभाव हो सकता है लेकिन पैरासिटामोल के कारण मानसिक विकार होने की पुष्टि किसी अध्ययन में नहीं हुई है।

गर्भावस्था में इन दवाओं का न करें प्रयोग
इबुप्रोफेन और डाइक्लोफेनाक - यह दवाएं दर्द और सूजन में ली जाती हैं लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान लेने से बच्चे के हार्ट और किडनी पर असर पड़ सकता है।
टेट्रासाइक्लिन - यह एक एंटीबायोटिक है जो गर्भ में पल रहे बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास को प्रभावित कर सकती है।
आइसोट्रेटिनॉइन- इसे आमतौर पर पिंपल्स की दवा के तौर पर दिया जाता है लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए यह बेहद खतरनाक है और बच्चे में जन्मजात विकार का कारण बन सकती है।
कुछ एंटी-एपिलेप्टिक दवाएं - मिर्गी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं में से कुछ भ्रूण में जन्म दोष और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ा सकती हैं।
हार्मोनल दवाएं - बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी हार्मोनल दवा लेना गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

डॉक्टरों के वर्जन
मेरी ओपीडी में हर दिन औसतन 100 महिलाएं आती हैं। बुखार के लिए मैं हमेशा से पैरासिटामोल ही लिखती हूं। किसी प्रमाणिक रिपोर्ट में इस दवा के खतरनाक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
- डॉ. सुदीप कौर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ

गर्भावस्था में पैरासिटामोल का उपयोग लंबे समय तक नहीं होता। कई डॉक्टर दवा का कॉम्बिनेशन देने से भी परहेज करते हैं, जोकि ठीक भी है। पैरासिटामोल बिल्कुल सुरक्षित दवा है।
- डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ

बच्चों में मानसिक विकार जेनेटिक कारणों से हो सकते हैं। कई अन्य कारण भी बच्चे के मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं, इनमें दवाओं का दुष्प्रभाव भी शामिल है। लेकिन, पैरासिटामोल का इससे दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।
- डॉ. सीपी सिंह, अध्यक्ष, आईएमए

बिना डॉक्टर की सलाह के और लंबे समय तक किसी भी दवा का सेवन करना हानिकारक हो सकता है। हालांकि पीसीएम सबसे सुरक्षित ड्रग है। इसे लेने से गर्भवती महिलाओं को कोई खतरा नहीं है।
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- डॉ. सैयद मो. रजी, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट
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