मुरादाबाद। कोलकाता में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में आईएमए के आह्वान पर शनिवार को शहर के निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही। इसके कारण तमाम मरीज परेशान हुए। आपातकालीन व भर्ती सेवा चालू रही, लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीजों को दोगुना शुल्क देना पड़ा। वहीं शाम साढ़े सात बजे डॉक्टरों ने आईएमए भवन से कंपनी बाग स्थित गांधी पार्क तक कैंडल मार्च निकाला।
आईएमए मुरादाबाद के सदस्यों ने अध्यक्ष डॉ. रवि गंगल के नेतृत्व में आईएमए हॉल में बैठक की। सभी डॉक्टर अपने अस्पतालों को छोड़कर हड़ताल में शामिल हुए। दोपहर एक बजे सभी डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन दिया। डॉक्टरों ने कहा कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और अधिकतम सजा दिलाने के लिए त्वरित सुनवाई की जाए।
डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सभी प्रकार के अत्याचारों से बचाने के लिए एक कानून बनाया जाए। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष संरक्षित क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई। भारत में कहीं भी काम करने वाले मेडिकल छात्रों और सभी आधुनिक चिकित्सा डॉक्टरों की सुरक्षा से संबंधित सख्त नियमों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद को अधिकार दिया जाए।
डॉक्टरों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवि गंगल, सचिव डॉ. श्रुति खन्ना, कोषाध्यक्ष डॉ. अनंत राणा, डॉ. नितिन बत्रा, डॉ. मनोज सक्सेना, डॉ. विमिता अग्रवाल, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. बबीता गुप्ता, डॉ. आरके जैन आदि मौजूद रहे।
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नर्सिंग होम के बाहर बैठे रहे मरीज
शनिवार दोपहर एक बजे छजलैट से मरीज लक्ष्मी को लेकर उसके परिजन डीएल नर्सिंग होम पहुंचे। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी को दिमागी बुखार है। गार्ड ने उन्हें बताया कि ओपीडी बंद है, डॉक्टर हड़ताल पर हैं। निराश होकर लक्ष्मी व उनके परिजन नर्सिंग होम के गेट पर बैठ गए। यही स्थिति साईं अस्पताल, यूनिक अस्पताल, एपेक्स अस्पताल, आरआर अस्पताल, वेदांता अस्पताल समेत 125 से ज्यादा अस्पतालों में रही। इमरजेंसी में दिखाने के लिए मरीजों को अस्पताल के नियमानुसार ज्यादा शुल्क देना पड़ा।
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आईडीए व अन्य संगठनों का भी मिला समर्थन
हड़ताल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) व होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का पूरा समर्थन मिला। शहर के दंत रोग विशेषज्ञों व कई होम्योपैथी के डॉक्टरों ने अपनी ओपीडी बंद रखी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में घटनाएं होने के बाद डॉक्टरों को न्याय नहीं मिल पाता है। आज चिकित्सक अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। आईडीए के सचिव डॉ. रोमित सिंघल ने कहा कि हम आईएमए के समर्थन में हैं।
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डीएम नहीं मिले तो भड़के डॉक्टर
तय समय के मुताबिक सभी डॉक्टर दोपहर एक बजे डीएम कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। डीएम के तहसील दिवस में व्यस्त होने के कारण पहुंचने में देरी हो गई। इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ज्ञापन लेने पहुंचीं। डॉक्टरों ने कहा कि डीएम से समय लिया है तो उन्हें ही ज्ञापन सौंपेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट के कहने पर डॉक्टर राजी नहीं हुए और कलक्ट्रेट में ही डीएम का इंतजार करते रहे। डीएम के आने पर ही डॉक्टरों ने ज्ञापन सौंपा।
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फोटो व वर्जन
देश के किसी भी हिस्से में ऐसी घटना निंदनीय है। सरकार को चिकित्सकों खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाने होंगे। इसके लिए ही आईएमए ने देशव्यापी हड़ताल की है।
- डॉ. रवि गंगल, आईएमए अध्यक्ष
चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए सरकार को नियम बनाने होंगे। कोलकाता की घटना की हम निंदा करते हैं। यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आईएमए के आह्वान पर आगे आंदोलन की रणनीति बनेगी।
- डॉ. श्रुति खन्ना, आईएमए सचिव