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ठगी के शिकार डॉक्टर को एक साल बाद मिला न्याय

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मुरादाबाद। संभल में साइबर ठगी के शिकार हुए चिकित्सक को उपभोक्ता फोरम ने राहत दी है। एक साल पहले हुई साइबर ठगी के बाद चिकित्सक ने बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर कराया था। जिसमें फोरम ने बैंक को एक माह के भीतर चिकित्सक के खाते में रुपये जमा करने के आदेश पारित किए हैं।
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संभल जनपद के कोर्ट पूर्वी निवासी दंत चिकित्सक रितेश कुमार का पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में खाता है। चिकित्सक के अनुसार उनके पास 25 मई 2019 को मोबाइल पर मैसेज आया कि उनके खाते से 65026 रुपये निकाले गए हैं, जबकि उनकी बैंक लिमिट मात्र 25000 हजार रुपए थी। और न ही उन्होंने कोई रकम बैंक से निकली थी।उन्होंने तुरंत बैंक से सम्पर्क किया और अपना खाता बन्द ब्लॉक करा दिया। साथ ही थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमे उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने किसी को ओ टी पी नम्बर बताया न ही वो एक दिन में 25000 से ज्यादा रुपए निकाल सकते थे तो इतनी बड़ी रकम कहते से कैसे निकली । किंतु इस सबके बीच बैंक ने पूरी तरह से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि यह रकम टुकड़ो में खाता धारक ने एक ही दिन में निकली है हालांकि ट्रांजेक्शन आईडी में रिमार्क था कि रकम खाता धारक ने स्वयं नही निकली।
डेंटिस्ट ने 7 जून 2019 को न्यायालय उपभोक्ता फोरम संभल में शाखा प्रबंधक बैंक के अध्यक्ष प्रबन्ध निदेशक के खिलाफ अपने अधिवक्ता देवेंद्र कुमार के माध्यम से वाद दायर किया। जिसे फोरम में अध्यक्ष राम अचल यादव ने सुना और बैंक को सारे मामले का दोषी पाते हुए आदेश दिया कि एक माह भीतर उपभोक्ता को 65026 रुपये तथा पांच हजार रुपए जुर्माने के रूप में जमा कराए।
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