मेडिकल कॉलेज बनेगा तो नहीं भटकेंगे मरीज
यदि मुरादाबाद में मेडिकल कॉलेज बनेगा तो मरीजों को इस तरह भटकना नहीं पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे जांच की सुविधा होती है। इसके साथ ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती होने से काम का दबाव कम होगा। मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए 10 दिन बाद की तारीख नहीं मिलेगी।
फिलहाल एक ही रेडियोलॉजिस्ट पर रोजाना 150 एक्स-रे, 20 अल्ट्रासाउंड, 10 सीटी स्कैन करने का दबाव रहता है। इसके बाद भी कई मरीज अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन से रह जाते हैं। मानसिक रोगियों के लिए आने वाली दवा की किल्लत भी मेडिकल कॉलेज बनने से दूर हो सकती है।
जंबो पैक के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं मरीज
डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने पर जंबो पैक की जरूरत पड़ती है। इसे चढ़ाने से मरीज को एक बार में 30 से 40 हजार प्लेटलेट्स मिल जाती हैं। भरपूर प्रयास के बाद भी जिला अस्पताल में एफेरेसिस यूनिट शुरू नहीं हो पा रही है।
मंडल के मरीज निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं। वहां से जंबो पैक मोटा शुल्क देने के बाद मिलता है। सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने से हर साल सैकड़ों मरीज जंबो पैक के लिए निजी अस्पतालों में भटकने व हजारों रुपये खर्च करने से बच जाएंगे।
पैथोलॉजी में सवा दो बजे तक सैंपल लेने का नियम है। स्टाफ को चेतावनी दी जाएगी। शुक्रवार को कुछ डॉक्टर वीआईपी ड्यूटी में लगे थे। फिर भी सबको समय से ओपीडी में बैठने के लिए निर्देशित किया जाएगा। - डॉ. राजेेंद्र कुमार, चिकित्साधीक्षक