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वीडियो कॉलिंग कर डाक्टर को फंसाकर की ब्लैकमेलिंग

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मुरादाबाद। शहर के एक डाक्टर से ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। राजस्थान के सवाई माधेपुर जनपद के साइबर गिरोह के सदस्यों ने डाक्टर को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर अपने जाल में फंसा लिया। डाक्टर के मोबाइल की स्क्रीन पर एक लड़की की तस्वीर दिखाई और इसकी रिकार्डिंग कर ली। डाक्टर ने कॉल कट की तो आरोपियों ने उन्होंने व्हाट्सएप पर यह वीडियो भेज दिया जिसे देखकर डाक्टर के होश उड़ गए। इसके बाद आरोपियों ने उनसे ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर इस मामले का खुलासा कर दिया है।
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साइबर अपराधियों के मायाजाल में फंसे डा. अपूर्व मित्तल सिविल लाइंस की गौर ग्रेसियस कालोनी में रहते हैं। वह कांठ रोड स्थित एक अस्पताल में प्रेक्टिस करते हैं। उन्होंने कुछ दिन पहले एसएसपी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि पिछले साल नवंबर माह से कुछ लोग उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर वीडियो कॉल आई थी। कॉल रिसीव करने पर पता चला कि सामने कोई लड़की है। इसके बाद उन्होंने तुरंत कॉल डिसकनेक्ट कर दी थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उनके पास फिर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि उन्होंने डाक्टर का वीडियो रिकार्ड कर लिया है। जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। बदनामी के डर में डाक्टर ने आरोपियों के बताए एकाउंट में रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। लेकिन आरोपी उनसे लगातार ब्लैकमेल करते रहे। इस मामले में डाक्टर की ओर से कोतवाली में आईटी एक्ट, धोखाधड़ी और रंगदारी मांगने की धाराओं में केस दर्ज किया गया था। पुलिस और साइबर सेल की टीम आरोपियों की तलाश में लगी थी। आरोपियों ने फिर से पीड़ित डाक्टर को कॉल की रुपयों की मांग की। चार मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे आरोपी सिविल लाइंस क्षेत्र में रेलवे स्टेडियम के पास पहुंच गए और डाक्टर को कॉल कर फिर से पचास हजार रुपये की मांग की।
डाक्टर का कहना है कि वह रेलवे स्टेडियम के पास पहुंचे तो आरोपियों ने फिर से धमकाना शुरू कर दिया। रुपये न देने पर बदनाम करने की धमकी देने लगे। आरोप है कि इसी दौरान एक आरोपी ने डाक्टर के हाथ पकड़ लिए, जबकि दूसरे आरोपी ने हमलाकर दिया। डाक्टर के शोर मचाने पर वहां लोग जुटे तो आरोपी भाग गए। पीड़ित ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को कोतवाली क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर एक आरोपी ने अपने नाम नितेश कुमार मीणा निवासी गली वाला मोहतला बजीरपुर थाना पीलोदा जिला सवाई माधोपुर (राजस्थान), जबकि दूसरे ने अपना नाम राघव सिंह मीणा निवासी ग्राम थाना मोहचा जिला पीलोदा सवाई माधोपुर (राजस्थान) बताया है। आरोपियों के खिलाफ एक केस सिविल लाइंस थाने में भी दर्ज किया गया है। जिसमें रंगदारी मांगने और जान लेवा हमले की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अधीक्षक नगर अमित आनंद ने बताया कि दोनों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
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फेसबुक से चोरी करते थे लोगों के मोबाइल नंबर और जानकारियां
मुरादाबाद। आरोपियों पुलिस पूछताछ में बताया कि वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। उनके साथ कई और लोग जुड़े हैं। फेसबुक के जरिए डाक्टर, अधिकारी, व्यापारी, नेता और अन्य लोगों की जानकारी व मोबाइल नंबर चोरी कर लेते थे। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल कर अपने जाल में फंसाकर उनसे रकम वसूलते थे। आरोपियों ने बताया कि वह ऐसे लोगों को अपने नाम में फंसाते हैं। जो बदनामी के डर में तुरंत रुपये देने के लिए तैयार हो जाते हैं।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों लोगों को जाल में फंसाया
मुरादाबाद।
राजस्थान के माधोपुर के रहने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों लोगों को अपने नाम में फंसा चुके हैं। आरोपियों ने सबसे ज्यादा लॉक डाउन में लोगों को ब्लैकमेल किया था। आरोपियों ने बताया कि वह अब तक इस लिए बच रहे थे कि लोगों ने उनके खिलाफ कभी शिकायत नहीं की।
दोनों आरोपी आईटीआई कर चुके हैं
मुरादाबाद। नितेश कुमार मीणा और राघव सिंह मीणा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह आईटीआई कर चुके हैं। दोनों ही एक मोबाइल कंपनी में नौकरी करते थे, लॉक डाउन में नौकरी छूट गई थी। इसके बाद वह घर पर खाली बैठे थे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों की तलाश की। जो उनके जाल में आसानी से फंस जाए और रुपये देने में भी आनाकानी न करें।
दो लोग कर चुके हैं सुसाइड
मुरादाबाद। आरोपियों से पूछताछ में ये भी बात सामने आई है। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर दो लोग सुसाइड भी कर चुके हैं। हालांकि इस मामले में कोई पुलिस केस नहीं हुआ था। जिस कारण आरोपी बच निकले थे।
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