सौंधन (संभल)। गंगा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह करीब आठ बजे दिल्ली के डॉक्टर की कार की सामने से आ रही मर्सिडीज से सीधी भिड़ंत हो गई। इस हादसे में चंदौसी के चंदोई में निजी अस्पताल चलाने वाले दिल्ली निवासी डॉक्टर अरविंद कुमार (52) और उनकी बेटी यामिनी (30) की जान चली गई। डॉक्टर के अन्य परिजनों समेत दूसरी कार में सवार छह लोग घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि चंदौसी से दिल्ली जा रहे डॉक्टर की कार एक्सप्रेसवे की गलत लेन में दाखिल हो गई थी। दूसरी ओर सहारनपुर से लखनऊ जा रही मर्सिडीज 140 किमी की रफ्तार पर थी। अचानक विपरीत दिशा की कार से सामना होने के कारण मर्सिडीज चालक अपनी गाड़ी रोक नहीं सका और हादसा हो गया। एक्सप्रेसवे पर दिशा सूचक बोर्ड न होना डॉक्टर की कार के गलत लेन में पहुंचने का कारण बताया जा रहा है।
संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव अझरा के निकट हुए इस हादसे के घायलों में डॉक्टर की पत्नी मोना, बेटी यामिनी, दूसरी बेटी प्रिया और डेढ़ साल की नातिन प्रियदर्शनी शामिल हैं। यह लोग चंदौसी में रिश्तेदारों से मिलकर दिल्ली लौट रहे थे।
मर्सिडीज कार में सहारनपुर निवासी प्रॉपर्टी डीलर विनोद शर्मा, शिवम शर्मा, अमिश शर्मा सवार थे। ये सभी घायल हुए हैं। इस कार के एयर बैग खुलने से उनकी जान की हिफाजत हो गई। पुलिस ने बताया कि मर्सिडीज कार शिवम शर्मा चला रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया है कि हादसे के समय उनकी कार की रफ्तार 140 किमी प्रति घंटे के आसपास थी। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है। घायल कार चालक शिवम पुलिस की हिरासत में उपचाराधीन हैं।
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एक्सप्रेसवे के गोल चक्कर पर दिशा सूचक बोर्ड न होने से चकराते हैं चालक
हादसे में जान गंवाने वाले डॉक्टर अरविंद के रिश्तेदारों ने बताया कि चंदौसी दिशा से आने वाले वाहनों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए लहरावन में एप्रोच रोड है। यहीं से उनकी कार एक्सप्रेसवे पर पहुंची थी। लहरावन से करीब सात किलोमीटर आगे एक्सप्रेसवे पर गोल चक्कर है। इस इंटरचेंज से गाड़ियां अपने आगे के सफर के हिसाब से लेन तय करती हैं। इस स्थान पर दिशा सूचक बोर्ड (रोड साइन) न होने से दिल्ली जा रहे अरविंद उस लेन में जा पहुंचे, जिससे लखनऊ-प्रयागराज दिशा के वाहन जा रहे थे। यही वजह रही कि उनकी कार सहारनपुर से लखनऊ जा रही मर्सिडीज से टकरा गई। पुलिस ने घायल मर्सिडीज चालक के हवाले से बताया कि आमना-सामना होने पर दोनों ही चालकों ने बचाव में स्टीयरिंग बाईं ओर काटा, जिससे बचाव की गुंजाइश ही खत्म हो गई।