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दस नशा मुक्ति केंद्रों की जांच में मिली कमियां, डीएम ने जारी किया नोटिस

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मुरादाबाद। डीएम के निर्देश पर निजी नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण में अनेक कमियां मिली हैं। जांच रिपोर्ट में बिना पंजीकरण चल रहे केंद्रों पर शिकंजा कसने के लिए जिलाधिकारी ने सभी को नोटिस भेजकर तीन दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और 15 दिन में पंजीकरण के निर्देश दिए हैं।
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जिला मद्य निषेध अधिकारी गगन यादव ने बताया कि जिले में कोई भी सरकारी नशा केंद्र नहीं है, जबकि निजी दस केंद्र संचालित हैं। जिलाधिकारी ने जिले में संचालित किये जा रहे प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के नियमों का पालन कराने के लिए अधिकारियों की एक समिति बनाई है। नशा मुक्ति केंद्रों को अब राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के सेक्शन 65 के तहत पंजीकरण भी होना अनिवार्य है। इन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं की जांच तत्कालीन एसडीएम सदर प्रेरणा सिंह, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम राजेश कुमार, तत्कालीन अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय प्रबुद्ध सिंह और जिला मद्यनिषेध अधिकारी गगन यादव ने की थी। जांच में सभी केन्द्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया। ज्यादातर केंद्रों पर कोरोना से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। सभी केंद्रों में उपलब्ध स्थान से ज्यादा मरीज भर्ती पाए गए थे। भर्ती मरीजों के रहने के लिए स्थान, सफाई उनकी संख्या के अनुरूप बाथरूम आदि नहीं पाए गए थे। केंद्रों पर काउंसलर और डॉक्टर नहीं मिले। जिलाधिकारी ने 10 नशा मुक्ति केंद्रों की जांच रिपोर्ट में मिली कमियों को तीन दिन के अंदर दूर कर 15 दिनों में पंजीकरण कराने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि कोई केंद्र मानकों का पालन नहीं करता पाया जाएगा तो उसे बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
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