गुरुवार शाम डीएम बंगले के बाहर कटोरा लेकर इफ्तार के लिए कुछ मांग रही महिला के लिए ये किसी सपने जैसा था। महिला लोगों के आगे गिड़गिड़ा रही थी कि उसका रोजा है इफ्तार के लिए उसे कुछ दे दिया जाए। ठीक उसी वक्त डीएम काफिले के साथ बाहर निकले तो दरवाजे पर कटोरा लिए बैठी महिला को देख कर रुक गए।
वाकया गुरुवार को शाम करीब सात बजे का है। डीएम जुहैर बिन सगीर आईएमए के रोजा इफ्तार में हिस्सा लेने जा रहे थे। डीएम की गाड़ी जैसे ही बंगले से बाहर निकली तो उनकी नजर अपने दरवाजे पर कटोरा लिए बैठी महिला पर पड़ी।
डीएम ने गाड़ी रुकवाई तो महिला सहम गई और उठकर चलने लगी। डीएम ने उसे रोका और पूछा तो महिला ने बताया कि उसका रोजा है और उसके पास रोजा खोलने के लिए भी कुछ नहीं है। डीएम ने महिला को अपनी एस्कार्ट गाड़ी में बिठवाया और अपने बंगले में ले गए। इसके बाद वह खुद तो आईएमए के कार्यक्रम में चले गए, डीएम की पत्नी ने महिला को रोजा इफ्तार कराया।