मुरादाबाद। गोबर और जूट की मदद से कई उत्पाद बनाकर ठाकुरद्वारा तहसील की रतपुरा गांव की महिलाएं अपना भविष्य संवार रही हैं। दिवाली पर विकास भवन में लगाए गए स्टाॅल पर इन महिलाओं द्वारा गोबर से बनाए उत्पादों की खूब बिक्री हो रही है। पांच दिन में महिलाओं ने 20 हजार रुपये की कमाई की है।
ठाकुरद्वारा तहसील के रतुपुरा गांव निवासी ने शालिनी यादव ने अपने साथ कई महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह 2022 में शुरू किया था। 10 महिलाओं के इस समूह ने शुरुआत में घर की सिलाई मशीन से जूट व कपड़े के बैग बनाने का काम किया। इसके बाद इन्होंने गोबर से उत्पाद तैयार करने शुरू किए। गोबर से महिलाएं दीपक, संब्रानी कप, मोमेंटो, नेम प्लेट, घड़ी, ओम, स्वास्तिक, की-रिंग, फोटो फ्रेम और लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां तैयार करती हैं। महिलाओं के हस्तशिल्प उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। अब तक महिलाएं डेढ़ लाख रुपये की कमाई कर चुकी हैं।
समूह से जुड़ी अंशिका यादव ने बताया कि प्रतिदिन तीन से चार घंटे सभी महिलाएं काम करती हैं। इससे हर महीने सभी को 8-10 हजार रुपये की कमाई हो जाती है। महंगाई के इस दौर में घर के खर्च में सहयोग करने से काफी खुशी मिलती है। बबिता ने कहा कि आज के दौर में सरकारी नौकरी मिलनी मुश्किल हो गई है। घर से बाहर जाकर काम करने से बेहतर है कि घर पर ही काम करके कमाई हो सके।
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- समूह में आए फंड से शुरू किया काम
समूह की संचालिका शालिनी यादव ने बताया कि स्वयं सहायता समूह की मदद से उन्हें तकरीबन 2.50 लाख रुपये का फंड विभिन्न माध्यमों से मिला था। इसके बाद मशीनें लगाकर काम शुरू किया। मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी की ओर से भरपूर मदद मिली और हर जगह स्टाॅल लगने लगे। इससे कमाई भी शुरू हो गई।
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हिमाचल प्रदेश तक से मिल रहे ऑर्डर
शालिनी बताती हैं कि उनके उत्पाद खूब पसंद किए जा रहे हैं। उन्हें प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से भी जूट के बैग के खूब ऑर्डर मिल रहे हैं। दीपावली के बाद इन मांग को पूरा करने के लिए सामान तेजी से तैयार किए जाएंगे।