ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्तिक अमावस्या तिथि 12 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन 13 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगी। दिवाली प्रदोष काल व रात्रि में धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसलिए 12 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी। लक्ष्मी पूजा का पहला शुभ समय शाम पांच बजकर 39 मिनट से शाम सात बजकर 35 मिनट तक है। दीपावली पर लक्ष्मी पूजा दूसरा शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 39 बजे से देर रात 12 बजकर 32 बजे तक है। आयुष्मान योग, रात में स्थिर लग्न में पूजन 12 बजकर 06 से दो बजकर 25 तक करना अति शुभ फलदायी रहेगा। व्यापार व बही खाता पूजन का समय 12 नवंबर को दोपहर तीन बजकर 05 मिनट से शाम चार बजकर 02 मिनट तक रहेगा।
शनिवार को मनाई जाएगी छोटी दीपावली
पंडित केदारनाथ मिश्र ने बताया कि शनिवार को नरक चतुर्दशी यानी छोटी दीपावली मनाई जाएगी। इसे रूप चौदस और काली चौदस कहते हैं। इस दिन दीयों की बारात सजाई जाती है। माना जाता है कि सूर्योदय से पूर्व उबटन और स्नान कराने से समस्त पाप समाप्त हो जाते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।