मुरादाबाद। नगर निगम की ओर से जारी किए जा रहे गृह कर और जल कर के बिल इस बार भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कई उपभोक्ताओं को जो बिल मिले हैं उनमें पिछले वर्ष जमा कराई गई राशि को फिर से बकाया के रूप में दर्ज कर दिया गया है। सिस्टम की इस गड़बड़ी की वजह से सैकड़ों मकान मालिक टाउनहाॅल स्थित निगम कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।निगम की ओर से बिल वितरण की प्रक्रिया जारी है। बिल वितरण के साथ ही निगम के टाउन हाल स्थित कार्यालय में हर दिन दो से चार लोग ऐसे पहुंच रहे हैं जिन्हें बिल गलत मिला है। लोगों की शिकायत है कि उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष का पूरा टैक्स समय पर जमा कर दिया था लेकिन इस बार फिर से वही राशि बकाया दिखा दी गई है। वहीं कई ऐसे उपभोक्ता भी हैं जिनका इस वित्तीय वर्ष में बिल बढ़कर आ गया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पिछले वर्ष जीआईएस सर्वे के बाद उनका बिल गलत आया था। बिल को ठीक कराया गया था लेकिन इस बार फिर से गलत बिल प्राप्त हो गया है। यह पूरी तरह से सर्वर और अपडेट सिस्टम की लापरवाही है जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ताओं की ओर से लगातार निगम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा रही है। लोगों से उनके पिछले वित्तीय वर्ष की जमा राशि की रसीद मांगी और लिखित शिकायत मांगी जा रही है। निगम के टैक्स विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि करीब एक हजार से अधिक लोगों के बिल ठीक किए जा चुके हैं। अब भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जिसका निस्तारण किया जा रहा है।
पार्षद अनुभव मेहरोत्रा का कहना है कि उनके ही वार्ड में सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें गलत बिल प्राप्त हुआ है। सभी की शिकायत की गई है। कई के बिल ठीक हो चुके हैं कई के अभी लंबित हैं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह का कहना है कि उनके पास कोई भी शिकायत लंबित नहीं है। जो भी शिकायतें आती हैं मौके पर ही उनकी जांच कराकर बिल ठीक कराया जा रहा है। कई बार तकनीकी कारणों से ऐसी गलतियां होती हैं। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
- दस नवंबर से लगाए जाएंगे कैंप
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी आरती सिंह के अनुसार दस नवंबर से वार्डवार कैंप भी लगवाए जाएंगे। यहां लोग अपने टैक्स जमा कर सकेंगे और अगर गलत बिल होगा तो उसका संशोधन भी करा सकेंगे। यह कैंप शहर के सभी 70 वार्डों में रोस्टर के अनुसार लगाए जाएंगे। हर दिन शहर के चारों जोन के वार्ड में यह कैंप लगेंगे।
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क्या बोले पीड़ित
- पिछले वर्ष मेरा बिल गलत बना था जिसे काफी भागदौड़ के बाद ठीक कराया था। इस वर्ष फिर जब बिल मिला तो पिछली जमा राशि को फिर से बकाया के रूप में जोड़ दिया गया है। रसीद और लिखित शिकायत जमा कर दी है। बिल ठीक होने का आश्वासन दिया गया है। - नेतराम, लाइनपार
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- मेरा पिछले वर्ष दस हजार रुपये के करीब बिल आया था। इसका भुगतान कर दिया था। इसके बाद इस बार दोगुना राशि का बिल थमा दिया गया है। शिकायत दर्ज करा दी है। - प्रीतम सिंह, मंडी चौक
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- जीआईएस की वजह से बिल बढ़ा हुआ आया था। बिल ठीक नहीं हुआ था और टैक्स जमा करा लिया गया था। इस बार भी आपत्ति दाखिल की है। नया बिल अभी अपडेट नहीं हुआ है। - सकलैन हैदर, करुला