कटघर में रामगंगा किनारे स्थित ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय की अरबों रुपये की जमीन पर कब्जे की कोशिशों में गुरुवार को एक और एपिसोड जुड़ गया। हंगामे - टकराव और साजिशों को लेकर पिछले तीन साल से सुर्खियों में चल रहे ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय में अब गणतंत्र दिवस पर तिरंगे के अपमान का मामला सामने आया है।
कालेज संस्थापक के परिजनों पर तिरंगे का अपमान लगाते हुए प्रिंसिपल ने कटघर में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। जबकि संस्थापक के परिजनों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर फिर से जमीन कब्जाने की कोशिश हुई और विरोध करने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसा दिया गया।
इस मामले से पुराने जुड़े लोग तो सब जानते हैं, मगर मुसीबत में न फंसे इसलिए खामोश हैं। ऋषिकुल संस्कृत महाविद्यालय की संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कालेज के पूर्व मैनेजर आलोक शर्मा ने करीब तीन साल पहले इसी विवाद में सुसाइड कर लिया था।
उस वक्त आलोक की बहन व भाजपा नेत्री मदालसा शर्मा कालेज की प्रिंसिपल हुआ करती थीं। आलोक कालेज की जमीन को बेचना चाहते थे जबकि उनकी बहन मदालसा इसका विरोध कर रही थीं। आलोक के सुसाइड के बाद उनके बेटे की तहरीर पर पुलिस ने मदालसा शर्मा और उनकी बहन श्रद्घा शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके दोनों को जेल भेज दिया था।
दोनों बहनों के जेल जाने के बाद आलोक की पत्नी और बेटे ने खामोशी से जमीन का सौदा बैक डेट में कुछ प्रापर्टी डीलरों को कर दिया। कालेज को बंद करने की सिफारिश भी बैक डेट में कर दी गई।
प्रापर्टी अरबों रुपये की थी लिहाजा कुछ पुलिस - प्रशासनिक अफसरों ने भी संस्कृत महाविद्यालय को बंद कराने की कोशिशें शुरू कर दीं ताकि कालेज बंद होने पर जमीन को बेचा जा सके। कई बार इसे लेकर टकराव भी हुआ। लेकिन मदालसा और श्रद्धा शर्मा हर जमीन बेचे जाने का विरोध करती रही हैं।
इसी गुरुवार को कालेज में एक और घटना हुई। प्रिंसिपल मुकुल गौड़ ने कटघर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि श्रद्धा शर्मा की बेटी चारू और बेटे सिद्धार्थ ने ध्वजारोहण के वक्त उनके हाथ से तिरंगा छीन लिया और उसका अपमान किया। चारू पर आरोप कुर्सियां तोड़ने और बदसलूकी का भी है।
लेकिन कालेज के प्रापर्टी विवाद को देखते हुए घटना पर सवाल उठ रहे हैं। इकलौती युवती ने पूरे कालेज में तोड़फोड़ मचा दी और कोई उसे रोक नहीं पाया, समझ से परे हैं। वो भी तब जबकि जमीन पर कब्जा करने वाले गैंग में पुलिस, नेता, अफसर से लेकर आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग भी शामिल हैं।