मुरादाबाद। डिस्ट्रिक्ट इन्कम टैक्स बार एसोसिएशन की बैठक के दौरान जीएसटी में होने वाली कठिनाइयों के बारे में जमकर चर्चा हुई। बताया गया कि सर्विसेज और कैपिटल गुड्स पर जीएसटी का भुगतान होने के बावजूद रिफंड नहीं मिलता है।
डिस्ट्रिक्ट इन्कम टैक्स बार एसोसिएशन की बैठक रामगंगा विहार स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित की गई। बैठक के दौरान अधिवक्ता शिशिर गुप्ता ने बताया कि यदि किसी व्यापारी द्वारा जीएसटी के गलत हेड में पैसा जमा कर दिया गया है। ऑर्डर हो चुका है तो धारा 161 के अंतर्गत इसमें सुधार कराया जा सकता है। अधिवक्ता गौरव गुप्ता अधिवक्ता ने कहा कि जब खरीद पर दिए गए जीएसटी की दर, निर्मित वस्तु की जीएसटी की दर से अधिक होती है, इस हालत में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत व्यापारी रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस स्थिति में करदाता का आईटीसी सरकार के पास जमा होता रहता है, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता है। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी कमी यह है कि इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत केवल इनपुट्स (कच्चे माल) से संबंधित आईटीसी का ही रिफंड उपलब्ध है। इनपुट सर्विसेज और कैपिटल गुड्स पर भुगतान किए गए जीएसटी का रिफंड नहीं मिलता है। अधिवक्ता निखिल रंजन अग्रवाल ने कैपिटल गेन के बारे में जानकारी दी।
राजीव कुमार रस्तोगी ने गिफ्ट के नियमों के बारे जानकारी दी। बताया कि किन-किन रिश्तेदारों से उपहार लेने पर आयकर नहीं लगेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजीव कुमार रस्तोगी और संचालन अतुल सक्सेना ने किया। बैठक में उपदेश चंद्र अग्रवाल, सौरभ कपूर, शाहिद हुसैन, नीरज भटनागर, आशीष कुमार सक्सेना, शावेज मलिक, आलोक सैनी, प्रवीण रावत, हरिशंकर पाल इलियास अहमद आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।