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उर्वरक बिक्री के लाइसेंसों पर रार : डीएचओ तथा डीएओ आमने सामने

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मुरादाबाद। निष्क्रिय समितियों द्वारा लाइसेंस लेकर की जा रही उर्वरकाें की बिक्री के मामले में जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) सुनील कुमार तथा जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) ऋतुषा तिवारी आमने सामने आ गए हैं। दोनों ने अपने अपने दावे किए हैं। डीएचओ का कहना है कि उन्होंने फरवरी माह में निरीक्षण रिपोर्ट में निष्क्रिय समितियों की स्थिति साफ कर दी थी पर जिला कृषि विभाग ने उस पर कोई एक्शन नहीं लिया। उधर डीएओ का कहना है नियमानुसार ही समितियों को लाइसेंस जारी किए गए हैं। कोई फर्जीवाड़ा नहीं है। डीएचओ ने कभी भी इस बाबत कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं भेजी।
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डीएचओ ने नहीं दी कोई रिपोर्ट, सभी लाइसेंस सही: डीएओ
मुरादाबाद। हमारे कार्यालय से निर्गत सभी लाइसेंस नियमानुसार शासन की गाइड लाइन के मुताबिक ही जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उर्वरक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए जो भी आवश्यक प्रपत्र आवेदन के साथ संलग्न होने चाहिए वह सभी हैं और उसी के आधार पर समितियों को नियमानुसार उर्वरक लाइसेंस किया गया है। औद्यानिक विभाग की समिति यदि निष्क्रिय हैं तो इसकी जानकारी डीएचओ को देनी चाहिए। डीएचओ के स्तर से कभी भी निष्क्रिय समितियों द्वारा उर्वरक केंद्रों का संचालन करने की कोई सूचना हमें नहीं दी गई है। निष्क्रिय समितियों के उर्वरक व्यवसाय करने की यदि कोई सूचना मिलती है तो उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
तीन फरवरी को ही भेज दी थी रिपोर्ट, निष्क्रिय हैं समितियां: डीएचओ
मुरादाबाद। मैने 22 जनवरी को निरीक्षण किया था जिसमें यह पता चला था कि आठ समितियां निष्क्रिय हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट 03 फरवरी जिला कृषि अधिकारी कार्यालय भेज दी गई थी जिसकी रिसीविंग कॉपी हमारे पास फाइल में लगी है। इस रिपोर्ट पर पर जिला कृषि अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। नियमानुसार जब समितियां निष्क्रिय हैं और उनके चुनाव तक नहीं हुए हैं तो ऐसे में उन्हें जारी लाइसेंस भी अवैध ही माने जाएंगे।
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औद्यानिक समिति पदाधिकारियों ने खोला डीएचओ के खिलाफ मोर्चा
मुरादाबाद। औद्यानिक समितियों द्वारा संचालित उर्वरक केंद्रों को जिला उद्यान अधिकारी द्वारा निष्क्रिय बताने के मामले में औद्यानिक समिति शेरपुर एहतमातपुर के सचिव चंद्रपाल की अगुवाई में 11 औद्यानिक उत्पादन सहकारी संघ के पदाधिकारियों ने जिला कृषि अधिकारी से मुलाकात की और उन्हें अभिलेख दिखाते हुए जिला उद्यान अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। कहा कि उनकी समिति निष्क्रिय नहीं है। उनकी समिति का चुनाव 2016 में हुआ है। उद्यान विभाग सारा व्यवसाय ऑनलाइन है। वह लोग जीएसटी भी देते हैं। औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति कांकरखेड़ा के सभापति इकबाल हुसैन ने जिला उद्यान अधिकारी पर समिति का फर्जी निर्वाचन कुछ लोगों से मिल कर कराने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत डीएम से की है। डीएओ कार्यालय में मौजूद औद्यानिक उत्पादन एवं विपणन सहकारी समिति रसूलपुर गूजर के पदाधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि उनकी समिति पिछले कई साल से उर्वरक बिक्री का काम कर रही है। समिति संचालक जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार से मिले तथा अपना पक्ष रखा। एआर कोआपरेटिव जितेंद्र कुमार से भी मुलाकात थी। इसके अलावा उप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के निदेशक अजीत प्रताप सिंह ने भी कहा है कि उनकी समितियां सहीं हैं और समय पर चुनाव कराती रहीं हैं। इसके दस सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया है।
शिकायकर्ता डीएम से मिले
इस प्रकरण में सबसे पहले शिकायत करने वाले अजीमुशान ने जिलाधिकारी से शिकायत की। उन्होंने खुद को कांकरखेड़ा औद्यानिक समिति का अध्यक्ष बताया और कहा कि उनकी समिति के नाम पर कुछ लोग फर्जी पदाधिकारी बन गए और कृषि विभाग से उर्वरक की सात दुकानों के लाइसेंस लेकर बिक्री शुरू कर दी। ये सभी फर्जी हैं और इन पर एक्शन होना चाहिए। साथ ही उन अधिकारियों पर भी एक्शन हो जिन्होंने इन्हें लाइसेंस जारी किए। डीएम ने जांच की बात कही है।
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