कांठ। भगवान श्री कृष्ण एवं भगवान श्री जम्भेश्वर जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नगर के मोहल्ला विशनपुरा स्थित ट्रस्ट श्री जम्भेश्वर जी महाराज विराजमान विश्नोई मंदिर में चल रही सात दिवसीय श्री जाम्भाणी हरिकथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन गद्दी विराजमान कथावाचक संत स्वामी सागरानंद जी महाराज हरिद्वार उत्तराखंड ने श्रद्धालुओं को भगवान जम्भेश्वर जी के जन्म की कथा सुनाई।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान जम्भेश्वर जी के जीवन, उनके आध्यात्मिक स्वरूप तथा समाज को दिए गए संदेशों के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला। कथा वाचक ने भगवान जम्भेश्वर जी के जन्म से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि उनका जीवन मानव कल्याण और प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित रहा। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो गए। उन्होंने भक्ति भाव के साथ कथा का श्रवण किया। अंत में आरती और प्रसाद वितरण के उपरांत तीसरे दिन की कथा को संपन्न किया गया। इस अवसर पर श्री बिश्नोई आश्रम हरिद्वार के महंत संत स्वामी प्रणवानंद जी महाराज, संत स्वामी चमन ऋषि महाराज, स्वामी जगदेवानंद महाराज, स्वामी ऋषिदानंद महाराज, कुंवर सुरेंद्र सिंह बिश्नोई, सीपी सिंह बिश्नोई, अचल कुमार बिश्नोई, नीरज विश्नोई एनवाईसी, अशोक कुमार बिश्नोई आदि सहित महिला श्रद्धालु भी रहीं।