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22 करोड़ से होगी शहर की कायापलट

Wed, 21 Oct 2020 01:22 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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नगर निगम के कैंप कार्यालय में 15वें वित्त आयोग की बैठक में बोलते मेयर विनोद अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला
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मुरादाबाद। जल्द ही 22.92 करोड़ की धनराशि से शहर में विकास कार्य होंगे। शासन द्वारा 15 वें वित्त आयोग से मिली धनराशि से प्रस्तावित कार्यों को समिति की बैठक में अनुमोदित कर विभागवार बजट आवंटन कर दिया गया है। सबसे अधिक 13 करोड़ से ज्यादा बजट सड़क निर्माण के लिए दिया गया है। पेयजल व्यवस्था में 183 करोड़ खर्च होंगे। जलनिकासी, पार्कों के सुंदरीकरण और प्रकाश व्यवस्था सुधारने को भी बजट रखा गया है।
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नगर निगम को सरकार ने 15 वें वित्त आयोग से 21 करोड़ 71 लाख 13 हजार की धनराशि जून में दी थी। इस धनराशि से होने वाले कार्य महापौर की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी के अनुमोदन के बाद ही कराए जा सकते हैं। इस समिति की बैठक सोमवार को नगर निगम महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में उनके कैंप कार्यालय पर हुई। बैठक में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एडीएम प्रशासन लक्ष्मी शंकर, एडीएम सिटी राजेंद्र सेंगर के अलावा नगर आयुक्त संजय चौहान, अपर नगर आयुक्त गंभीर सिंह, अनिल सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव सर्वेश कुमार गुप्ता, लोकनिर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता और जलनिगम के अधीक्षण अभियंता मौजूद रहे।

नगर आयुक्त संजय चौहान ने महापौर के साथ वार्ता कर पार्षदों द्वारा दिए गए प्रस्ताव, सुझाव के आधार पर शहर में होने वाले प्रस्तावित कार्यो की सूची तैयार की। इसमें सड़क, पेजयल, पार्क, पथ प्रकाश, जलापूर्ति ,जलनिकासी के अलावा कूड़ा निस्तारण प्लांट आदि संबंधी कार्य थे। करीब दो घंटे चली बैठक में समिति ने उक्त कार्यों को अनुमोदित कर दिया।
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हम सड़क बनवाते हैं, जल निगम तुड़वा देता है
बैठक में महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि जलनिगम द्वारा पहले फेज की सीवर लाइन डालने का काम अभी तक पूरा नहीं किया गया है। शहर में गड्ढों खोदकर डाल दिए जाते हैं। जनता परेशान होती है। उन्होंने एक्सईएन से कहा कि वह तीन दिन के अंदर जलनिगम द्वारा खोदी गई सड़कों पर काम कर उन्हें पूरा कर अपनी लिखित रिपोर्ट दें। साथ ही उन्होंने सचिव सर्वेश कुमार गुप्ता से कहा कि प्राधिकरण ने शहर में कई कालोनियां बसाई हैं, लेकिन अभी तक नगर निगम को हस्तांतरित नहीं किया है जबकि यहां रहने वाले लोग निगम की सुविधाएं ले रहे हैं। 10 से अधिक ऐसी कालोनियां हैं। उन्हें हस्तांतरित किया जाए।
 
मद धनराशि (लाख में)
जलापूर्ति 301.60 लाख
जलनिकासी 183.46 लाख
सड़क सुधार 1352.34 लाख
पार्कों का रखरखाव 49.54 लाख
ठोस अपशिष्ट 197.81 लाख
पथ प्रकाश 208.19
कुल 2292.94 लाख

शासन ने 15वें वित्त आयोग से 21 करोड़ 71 लाख 30 हजार 14 रुपये मंजूर किए थे लेकिन इसमें से शासन स्तर से ही 86 लाख 892 रुपये शहर में होने वाले एसटीपी सर्वे के लिए काटकर कुल 20 करोड़ 85 लाख 29 हजार 32 रुपये दिए थे। समिति की बैठक में विकास कार्योें के लिए कुल 22 लाख 92 हजार 94 रुपये के कार्यों के प्रस्ताव का अनुमोदन हुआ है जो 15 वें वित्त आयोग से मिली धनराशि से अधिक है। इस अधिक धनराशि को नगर विकास, निगम निधि से लिया जाएगा। पार्षदों द्वारा दिए गए सुझाव और प्रस्तावों के आधार पर ही कार्यो की सूची बनी है। - विनोद अग्रवाल, महापौर नगर निगम
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