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Moradabad News: गड्ढों में धंसा विकास, विकासनगर के हालात बदतर

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मुरादाबाद। हालिया बारिश के बाद भले ही शहर के कई हिस्सों से पानी उतर चुका हो लेकिन लाइनपार के कई क्षेत्रों में हालात अब भी नहीं सुधरे हैं। हनुमान नगर, सूर्यनगर, विकास नगर और आसपास के मोहल्लों में अभी भी गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के अवशेष लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने अभी तक इन मोहल्लों में न तो सफाई कराई है और न ही एंटी लार्वा का छिड़काव किया है। वहीं मोहल्लों के पानी की निकासी के लिए कोई ठोस ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं की गई है।
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विकास नगर के रहने वाले खेमचंद प्रजापति का कहना है कि आधे घंटे की बारिश में ही सड़कें तालाब बन जाती हैं। इसी वजह से सड़कों पर गड्ढे भी हो गए हैं जिससे परेशानियां बढ़ गई हैं। हाल ही में नई सड़क बनाई गई है लेकिन बारिश के बाद वह भी पूरी तालाब में तब्दील हो गई। पानी घुटनों तक भरा रहता है जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों में ही कैद हो जाते हैं। बारिश के बाद तीन से चार घंटे तक स्थिति बेहद खराब हो जाती है।
संदीप कुमार और विपिन गुप्ता का कहना है कि बरसात के बाद बारिश का पानी भले ही निकल गया हो लेकिन अभी तक फॉगिंग नहीं हुई है। इससे पूरे क्षेत्र में मच्छरों का आतंक है। बारिश के बाद फॉगिंग तो हर हाल में होनी चाहिए। विकास, अनुराग, फनींद्र और मिथिलेश का कहना है कि मोहल्ला नीचे की ओर बसा हुआ है। इसलिए बारिश में जलभराव तो आम सी बात है। लेकिन फिर भी ड्रेनेज की व्यवस्था होनी चाहिए। बारिश में जलभराव होता है तो सांप, कीड़ों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पानी में डूबी रहती है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं। अगर स्कूल में होते हैं तो उन्हें वापस लेकर आना मुश्किल हो जाता है। इसका स्थाई समाधान निकालना चाहिए और ड्रेनेज की व्यवस्था ठीक करनी चाहिए।

- बोले पीड़ित
बारिश होती है तो पूरे क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी जरूरतों पर कोई ठोस काम नहीं होता है। लोग गड्ढे में गिरकर घायल हा रहे हैं।
- देशराज शर्मा
मैं रामलीला मैदान के पास एक स्कूल में पढ़ती हूं। बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाता है। इससे स्कूल नहीं जा पाती हूं। स्कूल के टाइम बारिश होती है तो वापसी में आना मुश्किल हो जाता है।
- सानवी राज शर्मा
जलभराव की वजह से गड्ढे हो गए हैं। गलियों और मुख्य सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में बारिश का पानी भरता है तो पता नहीं चल पाता गड्ढा कहां पर है। इस कारण लोग चोटिल हो जाते हैं।
- नेपाल सैनी
पानी उतर गया लेकिन न तो सफाई हुई और न ही फॉगिंग हुई। पानी में मच्छर पैदा हो रहे हैं। नगर निगम को एंटी लार्वा का छिड़काव करना चाहिए।
- नईम खान
बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर जाता है। चार से छह घंटे तक सड़क को पार करना मुश्किल होता है। लोग गाड़ी से ही निकल पाते हैं लेकिन कई बार गाड़ी भी बीच में ही बंद हो जाती है।
- विपिन गुप्ता
यह समस्या नई नहीं है। हर साल हम जलभराव की स्थिति का सामना करते हैं। हर साल हमें आश्वासन मिलता है लेकिन हालात नहीं बदलते हैं। इसका स्थाई समाधान तो होना ही चाहिए।
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- संदीप कुमार
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