करीब ढाई माह पहले हुई रेल कर्मी विशाल की हत्या में फरार चल रहे डिप्टी एसपी हरीश राम आर्य के बेटे रमेश आर्य ने मंगलवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। विशाल हत्याकांड में रमेश के चाचा डिप्टी एसपी प्रकाश राम आर्य और दो सुपारी किलर भी पहले से ही जेल में बंद हैं।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के पटेल नगर निवासी विशाल विलियम रेलवे विभाग में कार्यरत था। एक फरवरी 2017 को रेलवे स्टेशन परिसर में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जीआरपी ने घटना के एक सप्ताह बाद मझोला के लाइनपार निवासी राहुुल और पूरन को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया था।
जीआरपी ने दावा किया था कि मेरठ में तैनात डिप्टी एसपी प्रकाश राम आर्य की पत्नी के विशाल से प्रेम संबंध थे। डिप्टी एसपी को इसकी भनक लग गई थी। जीआरपी द्वारा किए गए खुलासे के मुताबिक पत्नी के प्रेम संबंधों का खुलासा होने पर डिप्टी एसपी प्रकाश राम आर्य ने ही अपने भतीजे रमेश आर्य के साथ मिलकर विशाल की हत्या कराने की साजिश रची थी।
दोनों ने भाड़े के हत्यारों से संपर्क कर विशाल की हत्या कराई थी। हत्याकांड का खुलासा होते ही डिप्टी एसपी प्रकाश राम आर्य और उनका भतीजा रमेश आर्य फरार हो गए थे।
पुलिस का प्रेशर बढ़ा तो डीएसपी प्रकाश राम आर्य ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था लेकिन रमेश अभी तक फरार चल रहा था।
रमेश आर्य के पिता हरीश राम आर्य गाजियाबाद पीएसी में डिप्टी एसपी हैं। जबकि रमेश आर्य बागेश्वर जनपद के कांडा थानाक्षेत्र के भाकड़ में रहता था। मंगलवार दोपहर उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जहां से उसे न्यायकि हिरासत में जेल भेज दिया गया है।