rajyrani derailing track mantinece
- फोटो : amar ujala
राज्यरानी एक्सप्रेस के डिरेलमेंट की जांच फॉरेंसिक विभाग द्वारा भी शुरू कर दी गई है। टूटी पटरी के पास से मिले लोहे के आब्जेक्ट की भी जांच की जा रही है। अधिकारी जांच कर रहे हैं कि ये वाकई कोई साजिश थी या शरारत। शरारत की बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि कुछ युवा आए दिन पटरी किनारे स्टंट करते देखे जा चुके हैं।
सोमवार को फारेंसिक टीम प्रभारी शिवकुमार चौधरी के साथ सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे फारेंसिक विभाग की टीम जीआरपी थाने पहुंची। टीम ने पूरे मामले से जुड़ी जानकारी ली। जीआरपी द्वारा दर्ज की गई एफआईआर की एक प्रति ली और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर जो-जो बिन्दु सामने आ रहे हैं उनके बारे में पूछा। टीम ने क्षतिग्रस्त ट्रैक के टुकड़ों की फॉरेंसिक जांच को भी कहा है।
पटरियों पर स्टंट करने वाले युवा भी शक के घेरे में
यहां युवाओं के कुछ ग्रुप हैं जो रेल पटरियों के इर्द-गिर्द आए दिन स्टंट किया करते हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियों के शक के घेरे में ये युवा भी आ गए हैं। आशंका जताई गई है कि मुमकिन है कि पटरियों और आसपास स्टंट करने वाले इन्हीं युवकों ने ट्रैक पर कुछ रख दिया हो और हालांकि इस बार के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं।
लेकिन जिस तरह से पटरी के पास लोहे का एक संदिग्ध टुकड़ा मिला है। उससे हादसे के कारणों में एक जांच का एक पहलू भी हो सकता है। रेलवे के ओवरब्रिज से भी युवा पटरियों पर स्टंट करते हैं। इनकी भी मानीटरिंग की जा रही है।