मुरादाबाद/ ठाकुरद्वारा। अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन कर अधिगृहीत की गई भूमि के मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने रामूवाला गनेश चौराहे के नजदीक अलीगंज रोड पर नारेबाजी कर मुआवजे की मांग उठाई। इस दौरान करीब तीन घंटे तक रोड बनाने का कार्य भी बाधित रहा।
किसान नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि रामूवाला गनेश के किसानों की जमीन मौजा साहबगंज व फरीदनगर के रकबे में बाईपास के लिए अधिगृहीत की गई है। जबकि अधिगृहीत की गई भूमि का मुआवजा किसानों को अभी नहीं मिला है। किसानों ने सरकार से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रीतम सिंह ने कहा कि किसान महंगाई की मार झेल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसानों की आमदनी का साधन भी सरकार ने छीन लिया है। किसान कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी आवाज कोई नहीं सुन रहा है। फाइलों में कमीं बताकर किसानों को टरका दिया जाता है, जबकि फाइल पूरी होने के बाद ही विभाग ने जमा की गई हैं। किसानों ने प्रदर्शन कर अधिगृहीत की गई भूमि के मुआवजे से वंचित लोगों को 31 मई तक मुआवजा दिलाने की मांग की है। वहीं कार्यदायी संस्था के कार्य करते समय उड़ती धूल को रोकने के लिए किसानों ने पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। किसानों ने बताया कि मौजा साहबगंज में गाटा संख्या 8/2 की भूमि हाईवे के लिऐ अधिग्रहण हो गई है, लेकिन किसान राजपाल सिंह व राधा देवी का नाम मुआवजा सूची में नहीं है। इसके अलावा किसानों ने भूमि गाटा संख्या के हिसाब से पूरी करवाई कराने, सर्किल रेट 2019 के बजाय 2023 के अनुसार मुआवजा दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर डीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार रमेशचंद पांडे को सौंपा। किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने पर एक जून से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। इस दौरान जिला सचिव कैलाश सिंह, वीर सिंह, हर स्वरूप सिंह, ग्राम प्रधान मदनपाल सिंह, भीम सिंह बलराम सिंह, रमेश सिंह उदयवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, अंकित कुमार, विजय सिंह, शेर सिंह, जयवीर सिंह, बलबीर सिंह, आशुतोष कुमार मौजूद रहे।
कागजातों की जांच करने के बाद मुरादाबाद ठाकुरद्वारा मार्ग फेज -2 से जुड़े किसानों को 225 करोड़ मुआवजा दिया गया है। कागजात सही पाए जाने पर मुआवजा देने में कोई दिक्कत नहीं है। बंजर की जमीन पर मुआवजा नहीं मिलेगा।
किंशुक श्रीवास्तव सिटी मजिस्ट्रेट मुरादाबाद