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मंदी फिर नोटबंदी से बाजार की हालत गंदी

Sat, 17 Dec 2016 02:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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मंदी के बाद नोटबंदी ने बाजार की हालत बिगाड़ दी है। इसका असर ब्रांडेड शोरूम पर भी देखने को मिल रहा है। वेव मॉल में चल रहा रितु वियर्स का शोरूम बंद हो गया है। कई दूसरे ब्रांडेड शोरूम संचालकों के भी पैर उखड़ने लगे हैं। हालांकि कैश लेस सिस्टम से ब्रांडेड शोरूम के संचालकों को स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
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रितु वियर्स शोरूम ग्राहकों की कमी से जूझ रहा था। करीब बीस दिन पहले इस बड़े शोरूम को बंद कर संचालकों ने मॉल की बिल्डिंग खाली कर दी है। इस कैंपस में स्थित कई दूसरे ब्रांडेड शोरूम भी ग्राहकाें को तरस रहे हैं।

लंबे वक्त से मंदी से जूझ रहे बाजार की नोटबंदी ने कमर तोड़कर रख दी है। पुराने शहर में कपड़ों की रूटीन दुकानों के अलावा इसका असर ब्रांडेड शोरूम पर भी पड़ा है। वेव वेस्टर्न मॉल के अगले हिस्से में स्थित तीन मंजिला इमारत में लंबे वक्त से रितु वियर्स का शोरूम चल रहा था।
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करीब चार लाख रुपये महीना किराए पर बिल्डिंग लेकर दिल्ली की पार्टी ने इसे शुरू किया था। लेकिन यहां ग्राहकों की आमद उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। नोटबंदी ने रही सही कसर पूरी कर दी। नतीजतन बीस दिन पहले संचालकों ने शोरूम बंद कर दिया और बिल्डिंग खाली कर दी।

हालांकि संचालकों ने इसकी बड़ी वजह वेव मॉल से पहले बीच सड़क पर पार्किंग ठेकेदार का कब्जा होना भी बताया है। शोरूम तक पहुंचने से पहले ग्राहकों को पार्किंग चुकानी पड़ती थी। जिसकी वजह से फिल्म देखने मॉल आने वाले ग्राहकों के अलावा बाकी रूटीन ग्राहक यहां तक नहीं पहुंच पा रहे थे।

वेव में स्थित ब्रांडेड कपड़ों के कुछ दूसरे शोरूम भी ग्राहकों की कमी से जूझ रहे हैं। कांठ रोड पर ब्रांडेड कपड़ों, जूतों और दूसरे आइटमों के शोरूम की पूरी चेन है। नोटबंदी के बाद यहां भी शुरू के दिनों में सन्नाटा पसरा रहा।

बिंदल, ब्लैकबेरी, एडिडास, रीबोक समेत कई दूसरे ब्रांडेड शोरूम्स का भी कहना है कि नोटबंदी से धंधे में मंदी तो आई है लेकिन उनका हाल बाकी बाजार से कुछ बेहतर है। इसकी वजह वह कैशलेस सिस्टम को बताते हैं।

इनका कहना है कि ब्रांडेड शोरूम की सारी बिक्री ऑन रिकार्ड होती है और पहले से सभी के पास डेबिट, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेने की व्यवस्था है। इसलिए परंपरागत बाजार के कुछ ग्राहकों ने भी मजबूरी में इधर का रुख किया है।
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