मुरादाबाद। जोनल टैक्स फेडरेशन मुरादाबाद की ओर से सिविल लाइंस स्थित कार्यालय में जीएसटी के इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत रिफंड विषय पर लीगल मीटिंग आयोजित की गई। अध्यक्ष जहीर मलिक ने सदस्यों को इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में जीएसटी रिफंड से जुड़े प्रावधानों और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जब किसी करदाता की इनपुट सप्लाई पर जीएसटी की दर आउटपुट सप्लाई की दर से अधिक होती है तो लगातार इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) जमा होने की स्थिति बन सकती है। ऐसी परिस्थितियों में कानून में निर्धारित शर्तों के अधीन अप्रयुक्त आईटीसी के रिफंड का प्रावधान है। बैठक में जीएसटी अधिनियम की धारा 54(3) और नियम 89(5) के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों को बताया गया कि रिफंड की गणना किस प्रकार की जाती है, किन परिस्थितियों में करदाता रिफंड का दावा कर सकता है और आवेदन करते समय किन दस्तावेजों एवं औपचारिकताओं का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस दौरान इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े व्यावहारिक और कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन के सदस्यों ने विषय से संबंधित सवाल उठाए और अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए। बैठक का उद्देश्य अधिवक्ताओं को जीएसटी के महत्वपूर्ण विषयों की नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराना और उनके कानूनी ज्ञान का निरंतर विस्तार करना रहा। कार्यक्रम का संचालन महासचिव क्षितिज शर्मा ने किया। इस मौके पर गुफरान माजिद, अंजार हुसैन, अशरफ अली, विनीत वर्मा, मो. इमरान, जुहैब सुल्तान, तौहीद अहमद, इमाद खान, अनस खान, मोहम्मद बिलाल आदि मौजूद रहे।