फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून आपदा : ठेकेदार की धमकी से डरकर सुबह तड़के काम पर गए थे मजदूर

Fri, 19 Sep 2025 02:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
विज्ञापन
बिलारी के मुंडिया जैन गांव में बैठक बुलाकर घटनाक्रम की जानकारी लेते विधायक मोहम्मद फहीम इरफान-स
विज्ञापन
बिलारी (मुरादाबाद)। देहरादून आपदा में जान गंवाने वाली किरन की 14 वर्षीय बेटी अलका ने गांव पहुंचे विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान के समक्ष वहां के ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर विधायक ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन

अलका कहा कहना है कि उसके माता-पिता और अन्य मजदूर काम पर जाने से मना कर रहे थे लेकिन ठेकेदार ने धमकी दी कि अगर मजदूर सुबह तड़के काम पर जल्दी नहीं जाएंगे तब पुरानी रुकी हुई मजदूरी भी नहीं दी जाएगी। अलका के मुताबिक, ठेकेदार की धमकी से डरकर ही सभी मजदूर तड़के तीन बजे अपने किराये के मकानों से निकलकर नदी पर काम करने चले गए थे। अलका के अनुसार हादसे की सूचना पर वह भी अपने माता-पिता को देखने मौके पर गई थी। सपा विधायक ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि ठेकेदार के इस रवैये की जांच कराने में वह पूरा सहयोग करेंगे और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कराएंगे। सपा विधायक ने यह भी कहा कि वह सभी मृतक मजदूरों के आश्रित परिजनों को प्रदेश सरकार से अधिकाधिक आर्थिक मदद दिलाएंगे। अलका के इस हादसे में घायल हुए पिता अमरपाल का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
तीन दिन से लखनऊ में मौजूद बिलारी के सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान बृहस्पतिवार सुबह बिलारी पहुंचते ही सीधे अपनी विधानसभा क्षेत्र के मुंडिया जैन गांव पहुंचे। विधायक ने ग्रामीणों से देहरादून नदी बाढ़ हादसे संबंधी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और सभी मृतकों के परिजनों से मिलकर गहरी शोक संवेदना जताई। सपा विधायक कई समितियों की बैठकों में भाग लेने की वजह से बुधवार तक लखनऊ में ही थे। सपा विधायक ने मुंडिया जैन गांव पहुंचते ही सभी जिम्मेदार ग्रामीणों को सार्वजनिक चौक पर इकटठा किया और उनके साथ बैठक की। इस दौरान विधायक के बुलावे पर सभी मृतकों के परिजन और रिश्तेदार भी यहां आ गए। ग्रामीणों ने सपा विधायक को बताया कि कई वर्ष से उनके गांव के मजदूर परिवार एक ठेकेदार के अधीन मजदूरी करने उत्तराखंड के देहरादून जाते रहे हैं। यह मजदूर त्योहारों के मौके पर अपने गांव लौट आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें