मुरादाबाद के गांव कुरी रवाना में पहुंचे इकराम इमरान के शव को ले ग्रामीण जाते। संवाद न्यूज एजेंसी
मुरादाबाद। सोमवार की शाम दो सगे भाइयों समेत तीन शव पहुंचे तो गांव रवाना चीत्कार कर उठा। दिल्ली में हुए अग्निकांड में मरने वाले 43 लोगों में से तीन इमरान, इकराम और समीर मुरादाबाद के छजलैट थानाक्षेत्र स्थित कुरी रवाना गांव के रहने वाले थे। इनमें से दो इमरान और इकराम सगे भाई थे। तीनों लोग मेहनतकश थे, वे अपने और अपने परिवार वालों के सपने पूरे करने के लिए दिल्ली जाकर नौकरी करते थे। लेकिन इस हादसे से उनके साथ परिवार के भी सपने टूट गए, अरमान बिखर गए।
तीनों के शव सोमवार की देर शाम को गांव पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ वहां मौजूद थी। सबके चेहरे पर तीन लोगों की मौत का गम, फैक्टरी में लापरवाही को लेकर गुस्सा और गांव में मातम था। इसी गांव का शहजाद दिल्ली के अरबन अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। गांव की गलियाें, छतों और घरों के दरवाजे पर खडे़ होकर लोग शवों को देखकर फूट फूटकर रोते दिखे। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में इससे पहले कभी ऐसा हादसा नहीं हुआ था। यह पहली दफा है, जिसमें एक साथ तीन लोगों की मौत हुई हो। रविवार को हादसे की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया था। यहां पर घरों में चूल्हे नहीं जले। पीड़ित परिवार के घर आसपास के गांव के लोग भी सांत्वना देने के लिए पहुंचे। शवों को देखते ही परिवार के लोगों की चीख निकल गई। वह शवों से लिपटकर रोते रहे। तीनों के शवों को देर रात गांव में ही स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया। हालांकि इस दौरान स्थानीय पुलिस या प्रशासन का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी वहां पर मौजूद नहीं था।