कुंदरकी के बहुचर्चित इंजीनियर हत्याकांड में शनिवार को फैसला आएगा। इस केस की सुनवाई एडीजे सात में चल रही है। सुनवाई पूरी हो चुकी है। लेकिन केस के तीन मुल्जिम बुधवार को दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस अभिरक्षा से फरार हो चुके हैं। अब दो अभियुक्त ही जेल में हैं। इनमें से एक मुख्य आरोपी शकील का पिता नूर मोहम्मद और दूसरा शकील का साथी राजेंद्र है।
कुंदरकी थानाक्षेत्र के काजीपुरा निवासी इकराम लखनऊ में टावर कंपनी में इंजीनियर थे। वह नौ अक्टूबर 2014 को लखनऊ जा रहे थे। उन्हें कुंदरकी से मुरादाबाद तक कार सवार बदमाशों ने लिफ्ट देकर बैठा लिया था। रास्ते में बदमाशों ने इंजीनियर को अगवा कर लिया था और परिजनों फोन कर बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
बदमाशों ने फिरौती की रकम देने के बाद भी इंजीनियर का कत्ल कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्यारोपी कमल, धर्मपाल, राजेंद्र और शकील को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने इस केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। जिसकी सुनवाई एडीजे सात में चल रही है। इस सनसनीखेज केस में शनिवार को फैसला आएगा। लेकिन केस के तीन मुलजिम कमल, शकील और धर्मपाल पुलिस अभिरक्षा से फरार हो चुके हैं।
बुधवार को आरोपियों की चंदौसी अदालत में पेश किया गया था। वहां से लौटते समय कमल, धर्मपाल और शकील फरार हो गए थे। माना जा रहा है कि फरार बंदियों को यकीन हो गया था कि उन्हें अदालत से कठोर सजा हो सकती है। इसी डर से वह भाग गए। अब इस हत्याकांड से जुड़े राजेंद्र और नूर मोहम्मद ही जेल में बंद हैं। जबकि फिरौती रकम को छुपाकर रखने की आरोपी शकील की मां इस समय जमानत पर है।