डूंगरपुर मामले से जुड़े तीन मुकदमों में फैसला आ चुका है। दो मामलों में सपा नेता बरी हो चुके हैं, जबकि एक मामले में उन्हें सात साल की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
सपा नेता आजम खां पर दर्ज डूंगरपुर के एक और मामले में कोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुना सकती है। सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता ने सोमवार को अंतिम बहस नहीं की। मंगलवार को आजम के अधिवक्ता बहस करेंगे। कोर्ट ने 28 मई तक बहस का अंतिम अवसर दिया था।
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सपा नेता आजम खां के खिलाफ 2019 में डूंगरपुर बस्ती में रहने वाले लोगों ने बस्ती को खाली कराने के नाम पर लूटपाट, चोरी, मारपीट समेत अन्य धाराओं में गंज थाने में 12 मुकदमे दर्ज कराए थे। जिनमें तीन मुकदमों में फैसला आ चुका है। दो मामलों में सपा नेता बरी हो चुके हैं, जबकि एक मामले में उन्हें सात साल की कैद की सजा सुनाई जा चुकी है।
बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में सपा नेता फिलहाल सीतापुर जेल में बंद हैं। सोमवार को आजम खां के अधिवक्ता को कोर्ट में बहस करनी थी, लेकिन अधिवक्ता बहस के लिए नहीं पहुंचे। जिस पर कोर्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं को 28 मई को अपनी बहस पूरी करने की मोहलत दी है। सपा नेता के अधिवक्ता इस मामले में मंगलवार को अपनी बहस पूरी कर सकते हैं। कोर्ट इस मामले में 29 मई को फैसला सुना सकती है।