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सलमान खान की फिल्म कागज के विरोध में कूदे ‘डेडमैन’ संतोष, दी थाने में तहरीर

Sat, 02 Jan 2021 02:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमित मुदगल, मुरादाबाद

सार

  • एसएसपी मुरादाबाद प्रभाकर चौधरी का है फिल्म से गहरा नाता
  • डेडमैन के नाम से मशहूर संतोष बोले कि मेरी स्टोरी को किसी और की बताकर सलमान की टीम ने बना दी फिल्म 
  • बोले कि चाहो तो मुरादाबाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी से पूछ लो जब वे बनारस में थे तो उन्होंने ही मुझे नाम दिया था ‘कागज’
  • संतोष मूरत सिंह को मृतक दिखाकर उसकी जमीन को दूसरे पर कब्जाने का है आरोप
  • सलमान खान हैं इस फिल्म के प्रोड्यूसर, मुख्य भूमिका में है  पंकज त्रिपाठी
  • सात जनवरी को वेब सिनेमा में रिलीज हो रही है यह फिल्म
  • वाराणसी निवासी डेडमैन के नाम से विख्यात संतोष मूरत सिंह ने थाना चौबेपुर में दी तहरीर, राष्ट्रपति को भी भेजा पत्र
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संतोष का दावा है कि सलमान की फिल्म कागज इनके जीवन पर आधारित है... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मशहूर अभिनेता सलमान खान द्वारा प्रोड्यूस की जा रही फिल्म ‘कागज’ पर रिलीज होने से पहले ही सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। यह फिल्म सात जनवरी को रिलीज हो रही है लेकिन वाराणसी निवासी डेडमैन के नाम से पहचाने जाने वाले संतोष मूरत सिंह इसके विरोध में खड़े हो गए हैं। उन्होंने थाना चौबेपुर में तहरीर दी है तथा राष्ट्रपति को भी पत्र भेजा है। उनका कहना है कि यह पूरी कहानी उनकी है और सलमान की टीम ने उनसे ही सारी जानकारी ली और किसी दूसरे के नाम से फिल्म बना डाली जबकि उनसे सहमति भी नहीं लीं। अब संतोष का दावा है कि इसके साक्षी मुरादाबाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी हैं क्योंकि अपनी बनारस में तैनाती के दौरान प्रभाकर चौधरी ने ही संतोष को ‘कागज’ नाम दिया था।

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यह है संतोष की कहानी
गांव छितौनी थाना चौबेपुर वाराणसी (43) निवासी संतोष मूरत सिंह का कहना है कि जब वह 18 साल के थे तब वर्ष 1995 में उनके गांव में फिल्म आंच की शूटिंग के लिए अभिनेता नाना पाटेकर आए थे। वह उन्हें अपने साथ मुंबई ले गए और अपना कुक बना लिया। लगभग तीन साल बाद संतोष गांव वापस आए तो यहां राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृतक दिखाकर उनकी 12 एक ड़ से ज्यादा जमीन को गांव के ही लोगों ने अपने नाम करा लिया था। संतोष के मां बाप नहीं रहे और वह तभी से ‘मैं जिंदा हूं’ बताकर संघर्ष कर रहे हैं। लोग उन्हें डेडमैन के नाम से जानते हैं।

‘कागज’ पर संतोष ने अपना दावा बताया
संतोष का दावा है कि बिग बॉस के लिए उन्हें कॉल आई और एक टीम ने उनकी पूरी कहानी सुनी। यह भी कहा कि इस पर तो पूरी फिल्म बन सकती है लेकिन उनसे फिल्म बनाने पर कोई सहमति नहीं ली गई। संतोष का दावा है कि अब सलमान खान ने जो फिल्म बनाई है वह पूरी उनकी स्टोरी है। इसे किसी दूसरे के नाम से सात जनवरी को रिलीज किया जा रहा है। उनसे मंजूरी भी नहीं ली। संतोष ने देश के राष्ट्रपति को पत्र और थाना चौबेपुर में तहरीर देकर इस फिल्म की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने तथा सलमान खान, पंकज त्रिपाठी आदि पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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एसएसपी मुरादाबाद प्रभाकर चौधरी का है फिल्म से गहरा नाता
मुरादाबाद से पहले प्रभाकर चौधरी वाराणसी, सीतापुर आदि जिलों के पुलिस कप्तान रह चुके हैं। उनका भी इस फिल्म से गहरा नाता है। दरअसल, इस फिल्म की स्क्रिप्ट फिल्म के लेखक सतीश कौशिक ने खुद उनसे सुनी और पूरी कहानी पर मंथन किया। सारी जानकारी के बाद ही उन्होंने इस फिल्म पर काम किया। संतोष का दावा है कि वह बार-बार बनारस के तत्कालीन एसएपी प्रभाकर चौधरी से गले में ‘मैं जिंदा हूं’ की तख्ती लटकाकर मिलते थे। कागज देते थे। उन्होंने ही एक दिन मुझसे कहा था कि कि आपका नाम तो ‘कागज’ होना चाहिए।

यह है फिल्म कागज और इनकी जिंदगी पर बनी
इस फिल्म को वेब सिनेमा में 7 जनवरी को रिलीज किया जा रहा है। सलमान खान इस फिल्म के प्रोड्यूसर हैं और मुख्य भूमिका में मशहूर कलाकार पंकज त्रिपाठी हैं। यह फिल्म उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जिले के खलीलाबाद में रहने वाले लाल बिहारी पर बनाई गई बताई जा रही है। दरअसल लाल बिहारी 1975 में जब एक बैंक लोन का आवेदन देने राजस्व विभाग पहुंचे, तो पता चला कि दफ्तर के कागजों वह मर चुके हैं। उनकी सारी प्रॉपर्टी घूस लेकर उनके रिश्तेदारों के नाम कर दी गई थी। यहीं से लाल बिहारी की लड़ाई शुरू हुई और उन्होंने बीस साल बाद उन्हें इंसाफ मिला।

मुझसे लंबी चर्चा के बाद ही बनी है यह फिल्म : प्रभाकर चौधरी
मैं जब बनारस में था तो संतोष मूरत मेरे पास लगातार आते थे। उनका भी मामला यही था कि उन्हें मृतक दर्शाकर उनकी जमीन किसी दूसरे के नाम कर दी गई थी। हालांकि जब तक मैं आया था जब तक यह बात साबित नहीं हो सकी थी। कागज का पुलिंदा तो मैं उन्हें कहता था। दरअसल कागज फिल्म तभी की है जब मैं सीतापुर में एसपी था। जिस किसान लाल बिहारी पर फिल्म बनी है उसकी कहानी भी संतोष जैसी ही है लेकिन उसे इंसाफ मिल गया। यह साबित हो गया कि उसकी जमीन उसे मृतक दर्शाकर कब्जाई गई थी। उसी को जानकर सतीश कौशिक मेरे पास आए और इस पर लंबी चर्चाओं का दौर कई बार चला। अब फिल्म सात जनवरी को रिलीज हो रही है। संघर्ष की अच्छी दास्तां हैं।

मुझे इंसाफ चाहिए
पूरी फिल्म मेरी कहानी पर बनाई गई है। मैंने सलमान खान, सतीश कौशिक आदि के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। राष्ट्रपति को भी पत्र भेजा है। मुझे इंसाफ चाहिए। इन लोगों ने मेरी व्यथा पर किसी और के नाम से फिल्म बना दी है।
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- संतोष मूरत सिंह

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