बिलारी। ब्लॉक के पीपली गांव में अटल आवासीय विद्यालय के निकट निर्माणाधीन गन्ना शोध संस्थान का गन्ना विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया और संस्थान भवन की फिनिशिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
इस गन्ना शोध संस्थान भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 29 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इस धनराशि से शोध संस्थान में प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस, होस्टल, प्रशिक्षण सभागार आदि बनाए गए हैं। जिला गन्ना अधिकारी रामकिशन ने गन्ना विकास परिषद बिलारी के निरीक्षक संजीव कुमार के साथ गन्ना शोध संस्थान के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। डीसीओ ने मौके पर कार्यदायी संस्थान को निर्देश दिए कि भवन के शेष कार्य को शीघ्र पूरा कराएं ताकि नया भवन विभाग को हैंडओवर किया जा सके। डीसीओ के अनुसार कार्यदायी संस्था को हरहाल में 30 जून तक भवन निर्माण और फिनिशिंग का काम पूरा करना था।
बिलारी गन्ना उत्पादक बाहुल्य क्षेत्र है। लगभग तीन वर्ष पहले प्रदेश सरकार द्वारा पीपली गांव के रकबे में लगभग 20 एकड़ सरकारी जमीन में गन्ना शोध संस्थान बनाए जाने को मंजूरी दी थी। इस शोध संस्थान से मुरादाबाद और निकट के दो मंडलों के जिलों को मिलाकर कुल 13 जिले जोड़े गए हैं। 13 जिलों के चयनित गन्ना किसानों को इस शोध संस्थान में समय समय पर नई तकनीक से गन्ने की खेती करने और गन्ने की नई प्रजातियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। गन्ना विभाग के पर्यवेक्षकों को भी इस शोध संस्थान में जरूरी विभागीय प्रशिक्षण मिलेगा।
भाजपा के नवैनी पहाड़पुर मंडल अध्यक्ष पारस शर्मा एडवोकेट ने बताया कि बिलारी विधानसभा क्षेत्र में तीन मंडलों का गन्ना शोध संस्थान बनाया जाना प्रदेश सरकार की बहुत बड़ी उपलब्धि है। उनकी कोशिश है कि आगामी अगस्त माह में इस शोध संंस्थान का लोकार्पण करने और जरगांव में बन रहे सीएम मॉडल स्कूल का उद्घाटन करने प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलाया जाएगा। संवाद