नागफनी क्षेत्र के डेरिया गांव में बुधवार सुबह रसोई घर के बाहर बेटी के लिए नाश्ता बना रही मां अचानक सिलेंडर लीकेज के कारण आग की चपेट में आ गई। रसोई में भी आग लग गई।
महिला मदद को चिल्लाईं तो रसोई के बाहर मौजूद 21 वर्षीय बहादुरी बेटी ने मां को आग की लपटों में घिरा देख जान पर खेलकर उन्हें आग की लपटों से बाहर निकाला, इस दौराना मां के साथ वह भी झुलस गई है। झुलसी हालत में मां-बेटी को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
परिजनों का कहना है कि बिटिया की बहादुरी के कारण ही महिला को बचाया जा सका है। नागफनी के डेरिया में जाहिद हुसैन पत्नी खुर्शीद जहां, बेटी अर्शी जहां(21) और तीन बेटों के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि बेटी अर्शी जहां जामिया आसानाल स्कूल में शिक्षिका है।
वह सुबह स्कूल जाने की तैयारी कर रही थी। बेटी के लिए मां खुर्शीद जहां रसोई घर में नाश्ता तैयार कर रही थी। इस दौरान सीलेंडर लीकेज देख खुर्शीद जहां रेगुलेटर बदलने लगी तो वह आग की चपेट में आ गई, जब तक कुछ समझ पाती तभी आग रसाईघर में फैल गई और उसमें रखा सामान जलने लगा।
मां मदद को चिल्लाई तो बेटी ने घर में मौजूद तीन भाईयों का इंतजार किए बिना जान पर खेलकर आग की लपटों में घिरी मां को बाहर निकाला, इस दौरान उसका हाथ और शरीर का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आकर झुलस गया।
आग की चपेट में आकर खुर्शीद जहां गंभीर रूप से झुलसी हैं, दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसका उपचार कर रहे हैं। बिटिया की बहादुरी के बारे में सुनकर गांव के लोग और डॉक्टर के अलावा अस्पताल में मौजूद अन्य लोगों ने भी उसकी प्रशंसा की है।