डाकघर में धक्के लगने लगने से युवतियां िगर पड़ीं और घुटन से तबीयत भी खराब हो गई
- फोटो : अमर उजाला
डाकघर में बेटी को दो लाख रुपये मुआवजा मिलने की अफवाह में बुधवार को इस कदर भीड़ लग गई की लाइनों में लगी लड़कियां भीड़ में धक्के लगने और घुटन के कारण बेहोश होने लगीं। कुछ महिलाओं की भी तबीयत खराब हो गई। वहीं उल्टियां होने लगीं।
सैकड़ों की भीड़ में अगर भगदड़ मच जाती तो बड़ा हादसा होना तय था। लेकिन इस अफवाह को रोकने के लिए न तो डाक विभाग कोई पहल कर रहा है और न ही जिला प्रशासन। सपा के नुमाइंदे तो सुनने को राजी नहीं हैं, इसलिए भाजपाइयों को होशियार होने और प्रधानमंत्री को होशियार करने की जरूरत दिखाई देने लगी है।
अब तक बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम पर फैलाई जा रही अफवाहें कहीं भाजपा के िसर न पड़ जाएं। क्योंिक बेिटयां अब कहने लगी हैं कि उन्हें तो प्रधानमंत्री मोदी जी से उम्मीद है िक वे उन्हें दो-दो लाख दिलवाएंगे। अफवाह कौन फैला रहा है, ये तो नहीं मालूम मगर सरकारी तंत्र की इस और बेरुखी सवाल जरूर खड़े कर रही है।
बुधवार को भी फार्म भरने के िलए जमकर हंगामा हुआ। डाकघर की पहली मंजिल पर स्थित रजिस्ट्री काउंटर तक जाने वाली सीढ़ी से लेकर जेल रोड तक हजारों लोगों की भीड़ लगी रही। सीढ़ियाें पर चढ़ जाने के बाद वापस आने को कोई विकल्प नहीं है।
भीड़ इतनी ज्यादा होती है कि वहां से वापस आया ही नहीं जा सकता। इस बीच सीढ़ियों पर इतनी भीड़ जमा हो गई की सफोकेशन से लाइन में लगी लड़कियां बेहोश होने लगी।