मुरादाबाद। एमडीए के गेट पर कर्मचारियों का धरना सोमवार को 15वें दिन जारी रहा। इसके अलावा पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार आज पहले दिन सभी विभागों के कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर हड़ताल की।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी 110 कर्मियों की सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। कर्मचारी संयुक्त संगठन इन कर्मियों की सेवा बहाल न करने तक चार जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। रविवार को भी एमडीए के मुख्य गेट पर कर्मचारियों संग संगठन नेताओं ने धरना दिया। धरने पर पीड़ित कर्मचारियों के परिवार के लोग और बच्चे भी रोज की तरह धरने पर बैठे। इस दौरान कर्मचारी एकता जिंदाबाद, एमडीए प्रशासन होश में आओ के नारे लगाए गए। धरने के दौरान हुई सभा की अध्यक्षता करते हुए कर्मचारी संयुक्त संगठन के प्रांतीय महामंत्री वृंदावन दोहरे ने कहा कि जब तक साथियों को बहाल नहीं करा लेंगे, यह धरना जारी रहेगा। धरने पर संयुक्त कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष संजय कुमार सत्संगी, अशोक शर्मा, मुन्ना लाल, सूबेदार नंद किशोर यादव, राजारामए सुभाष वाल्मीकि, राधेश्याम, इदरीश, टेकचंद, विकास मशीह, नन्हीं देवी, हरवती, खिमुली, यादराम, गिरीश कुमार, चंद्रमोहन पांडे सहित पीड़ित कर्मचारी बैठे। संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष इनाम अजीज ने किया।
गेट मीटिंग में 22 जनवरी से हड़ताल पर डट जाने का आह्वान
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के 110 कर्मियों की सेवा बहाली न होने के विरोध में सभी विभागों को मिलाकर बनी मुरादाबाद समन्वय समिति के आह्वान पर सोमवार को सभी दफ्तरों में दो घंटे का कार्य बहिष्कार रहा। साथ ही जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मूढ़ा पांडे, कुंदरकी, समाज कल्याण विभाग और लोक निर्माण विभाग में गेट मीटिंग की गई। गेट मीटिंग में समन्वय समिति का निर्णय बताया गया। सभी कर्मचारियों का आह्वान किया गया कि 21 जनवरी तक दो घंटे और फिर 22 जनवरी से पूरी तरह हड़ताल पर डट जाएं।
दो घंटे नहीं बटी दवा, नहीं लगें इंजेक्शन
मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के निकाले गए संविदा कर्मचारियों के विरोध में मुरादाबाद कर्मचारी समन्वय समिति के आह्वान पर जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार को दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान सुबह आठ बजे से दस बजे तक दवाइयां नहीं बांटी गई। किसी मरीज को इंजेक्शन नहीं लगाया गया। मरीजों के पर्चे भी नहीं बनाए गए। सिर्फ इमरजेंसी सेवा बहाल रही। बाद में कर्मचारियों ने ओपीडी के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। दस बजे के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने नियमित रूप से काम किया। इस दौरान समिति के जिला संयुक्त मंत्री निश्चल भटनागर, राकेश पाठक, हेमंत चौधरी, डीएस चौहान पंकज पांडे आदि मौजूद रहे।