मुरादाबाद के किदवईनगर सहकारी आवास समिति में फर्जीवाड़ा कर दो सदस्यों ने पंडित नगला रोड स्थित करोड़ों की कीमत के आठ प्लाॅटों को कौड़ियों के भाव बेच दिया। कटघर पुलिस ने इस मामले में शिकायत मिलने पर समिति के दोनों फर्जी पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
आरोप है कि दोनों ने करीब डेढ़ करोड़ का गबन किया है। आवास विकास के सहकारी अधिकारी सतीश कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आबिदनगर करूला निवासी रईस अली और हाफिजों वाली गली असालतपुर गलशहीद निवासी सिंकदर हुसैन ने किदवईनगर सहकारी समिति की फर्जी मतदाता सूची तैयार की।
इसके बाद निर्वाचन कराकर अवैध ढंग से खुद को समिति का सचिव घोषित कर लिया। दोनों ने अपने परिचितों को प्रबंध कमेटी का सदस्य बनाया। फर्जीवाड़ा कर पंडित नगला बाईपास स्थित समिति के आठ प्लाॅटों को गैर सदस्यों को अलग-अलग तिथियों में रजिस्ट्री कर दिया।
इसमें रईस अली ने सायरा मंसूरी निवासी कन्हैया विहार आशिया मस्जिद के पास कारगी ग्रांट बंजारावाला देहरादून उत्तराखंड, आफताब जहां निवासी आजाद नगर मंसूरी काॅलोनी करूला, मोहसिन अमीर निवासी मोहल्ला फतेहउल्ला गंज तहसील ठाकुरद्वारा, राबिल हुसैन निवासी ग्राम ताहरपुर पोस्ट गुरेर तहसील बिलारी, यासमीन मंसूरी निवासी आबिदनगर टीला निकट बड़ी मस्जिद कल्ला के नाम प्लाॅट की रजिस्ट्री की।
इसी प्रकार सिकंदर हुसैन ने अवैध ढंग से नजराना परवीन निवासी रहमत नगर गली नंबर एक नाज शादी हाॅल सैयद नगर करूला, आयशा बेगम निवासी असालतपुरा ठेकेदार वाली मस्जिद को प्लाॅट की रजिस्ट्री की। यह कार्य उप्र सहकारी समिति अधिनियम 1965 एवं समिति की उपविधियों के अंतर्गत गबन की श्रेणी में आता है।
आरोपी रईस अली ने समिति के बैंक खाते से अलग-अलग तिथियों में एक लाख 66 हजार रुपये भी निकाल लिए। आरोप है कि रईस द्वारा स्वयं को सचिव घोषित कर गैर सदस्यों को जो कभी समिति के सदस्य नहीं रहे। उनको संचालक मंडल में शामिल कर लिया।
आरोपी रईस ने रजिस्ट्री और गबन कर कुल एक करोड़ छह लाख रुपये और सिकंदर ने 37 लाख 24 हजार रुपये का गबन किया।