अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। चार साल पहले शुरू हुआ चक्कर की मिलक में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) अब तक शुरू नहीं हो सका है। इसका नतीजा यह है कि बारिश होते ही शहर की पॉश कॉलोनियां हों या मुख्य मार्ग हर जगह जलभराव और गंदगी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस एसटीपी से शहर के रामगंगा विहार क्षेत्र के चार बड़े नाले जुड़ने थे जिससे बारिश में क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने वाली थी।
जल निगम की ओर से करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से 25 एमएलडी क्षमता वाला यह एसटीपी 2022 में बनना शुरू हुआ था। योजना के मुताबिक इसका संचालन जनवरी 2024 में ही शुरू हो जाना था लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो पाने की वजह से इस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मियाद 21 मई 2025 तक बढ़ा दी गई थी।
21 मई तक एसटीपी का संचालन शुरू हो जाना था लेकिन जुलाई का आधा महीना बीत चुका है फिर भी एसटीपी का संचालन शुरू नहीं हो सका है। एसटीपी का संचालन नहीं होने की वजह से रामगंगा विहार, टीडीआई सिटी, एमआईटी कॉलेज, विवेकानंद अस्पताल और आसपास की आबादी को उफनते नालों, गंदे पानी के बहाव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
इस एसटीपी से क्षेत्र के चार नालों को जोड़ने के अलावा सीवर लाइन को भी जोड़ना था। लेकिन यह कार्य भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से हल्की बारिश में ही शहर के इन क्षेत्रों की कॉलोनियों में नाला चोक हो रहा है और सड़कों पर गंदा पानी जमा हो रहा है जिससे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसमें रामगंगा विहार और आशियाना जैसे पॉश इलाके भी शामिल हैं।
टीडीआई सिटी के रहने वाले मोहित गुप्ता ने बताया कि हर बारिश के बाद हालात इतने खराब हो जाते हैं कि सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है। सड़कों पर गंदा पानी जमा हो जाता है। आशियाना कॉलोनी के कमलेश बाला का कहना है कि उम्मीद थी कि एसटीपी शुरू हो जाएगा और सीवर के कनेक्शन मिल जाएंगे इससे थोड़ी राहत होगी। लेकिन मालूम नहीं इसका संचालन कब शुरू होगा।