एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या के पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ नहीं बल्कि निजी रंजिश ही थी। उन्हें उन्हीं के गांव सहसपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मुनीर ने मारा था। मुनीर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र है और हत्या की कई दुस्साहसिक वारदातों में चर्चित रहा है।
हत्या के पीछे एनआईए की कोई जांच नहीं बल्कि स्थानीय कारण उजागर हुए हैं। पुलिस ने सहसपुर और बरेली से मुनीर के चार साथियों को पकड़ लिया है। हत्या में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी बरामद कर ली गई है। मुनीर और शूट आउट में शामिल सहसपुर का ही उसका दूसरा साथी फिलहाल पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।
मामला खुलने के बाद बुधवार को आधी रात तक आईजी, डीआईजी और एनआईए व एसटीएफ के आला अफसर बिजनौर में डटे थे और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटे थे। एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की दुस्साहसिक हत्या से देशभर में भूचाल मचा था।
अमर उजाला ने मंगलवार को ही तंजील अहमद से निजी रंजिश रखने वाले हिस्ट्रीशीटर और उसके एक साथी के इस हत्याकांड में लिप्त होने का खुलासा करते हुए उनकी तलाश में पुलिस दबिशों की बात कही थी। बुधवार को जब पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ी तो कातिल गांव का ही हिस्ट्रीशीटर मुनीर निकला।
पुलिस पूछताछ में मुनीर के साथियों ने घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस महकमे के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि तंजील पर गोलियां सहसपुर के हिस्ट्रीशीटर मुनीर और यहीं के उसके साथी ने बरसाई थीं।
बिजनौर के स्योहारा थाने की एक पुलिस चौकी पर देर रात तक आईजी विजय सिंह मीणा, डीआईजी ओंकार सिंह और एसटीएफ व एनआईए के आला अफसर मुनीर के चार साथियों से पूछताछ कर रहे थे। हालांकि पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या में सीधे तौर पर केवल मुनीर और उसका साथी शामिल थे।
पुलिस बृहस्पतिवार को इस मामले का आैपचारिक खुलासा कर सकती है। बिजनौर के सहसपुर गांव में शनिवार की रात एनआईए के डिप्टी एसपी मो. तंजील अहमद की गोलियाें से भून कर हत्या कर गई थी। वारदात के समय वह शादी समारोह से लौट रहे थे। इस हत्या की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंची तो आठ टीमें खुलासे में लगा दी थी। इधर, अलीगढ़ में एसटीएफ ने मुनीर के बारे में तमाम जानकारियां जुटाई है।