ई-मेल आईडी हैक करके निर्यातकों के विदेश से आने वाले करोड़ों रुपये को बीच से ही उड़ा देने वाले गैंग का मास्टरमाइंड एक नाइजीरियन युवक निकला। पुलिस ने मास्टरमाइंड नाइजीरिया के जॉन अफाम समेत गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करके करोड़ों रुपये की ठगी का खुलासा कर दिया है।
जॉन अफाम नाइजीरिया में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर स्थानीय बदमाशों को अपने साथ मिलाकर इस गैंग को ऑपरेट कर रहा था। रुद्रपुर स्थित आईडीबीआई बैंक के दो कर्मचारी और बरेली के दो युवक व एक कुख्यात भी गैंग में शामिल थे। पुलिस ने इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बरेली के युवकों के नाम पर खुलवाए गए 18 फर्जी बैंक खातों का खुलासा किया हैं, जिनमें निर्यातकों की आईडी हैक करके विदेशी बायर्स से करोड़ों रुपये मंगाए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी ने रविवार दोपहर प्रेस कांफ्रेंस करके नाइजीरिया से ऑपरेट हो रहे इस गैंग का पर्दाफाश किया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने गैंग सरगना जॉन अफाम पुत्र थॉमस अफाम निवासी असावा स्टेट नाइजीरिया और उसके चार साथियों नितेश यादव पुत्र सत्यवीर निवासी ट्रांजिट कैंप रूद्रपुर उधम सिंह नगर, इमरान हुसैन पुत्र इकरार हुसैन निवासी गोधी थाना खजुरिया जिला रामपुर, अफजाल उर्फ राजा पुत्र इशहाक निवासी रहपुरा चौधरी, थाना इज्जतनगर जिला बरेली और आदिल अख्तर उर्फ इब्राहीम पुत्र शकील अख्तर निवासी परतापुर चौधरी थाना इज्जतनगर बरेली को गिरफ्तार किया है।
जबकि गैंग में शामिल बरेली का कुख्यात ठग अय्यूब पुत्र मुन्ने सैफी निवासी परतापुर चौधरी पुलिस दबिश के दौरान मौके से भाग गया। एसएसपी ने बताया नाइजीरियन जॉन अफाम इन दिनों दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र में छतरपुर में रहता है और नाइजीरिया में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर गैंग में लोकल बदमाशों का रिक्रूटमेंट करके गैंग को इंडिया में आपरेट कर रहा था। अय्यूब की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी गठित की गईहै। पुलिस ने पकड़े गए पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया।