कैंटीन संचालक सुभाष सैनी की हत्या फड़ ठेले वालों से की जाने वाली अवैध उगाही और सट्टे के धंधे पर कब्जे को लेकर उपजी रंशिज की परिणति थी। पुलिस ने हत्या में शामिल भाजपा नेता और उसके दो साथियों को गिरफ्तार करके घटना का खुलासा कर दिया है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया।
हत्या की पटकथा दीपू सैनी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सैनी निवासी मानपुर बुध बाजार ने लिखी थी। दीपू सैनी भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ चुका है और ब्याज का काम भी करता है। इलाके में सट्टे के धंधे से लेकर बुध बाजार से होने वाली उगाही तक में उसका अहम रोल रहता है। पुलिस ने दीपू सैनी और हत्या में शामिल उसके दो साथियों प्रमोद सैनी पुत्र रामचंद्र सैनी निवासी मानपुर बुध बाजार और राहुल शर्मा पुत्र बलदाऊ शर्मा निवासी सूर्य नगर मझोला को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि घटना वाले दिन 29 जनवरी को देर शाम उन्होंने सुभाष को कॉल करके मानपुर स्थित दीपू के घर बुलाया था। यहां घर में ही बने आफिस में बैठाकर पहले उसे शराब पिलाई फिर वहीं गोली मार दी। राहुल कार चलाता है। लिहाजा हत्या के बाद राहुल अपनी स्विफ्ट ले आया और लाश को बैडशीट में लपेटने के बाद कार में डालकर तीनों मानसरोवर पहुंचे।
यहां लाश को कार से निकालकर सड़क पर डाला और सिर में ंएक गोली और दाग दी। प्रमोद सुभाष की बाइक लेकर मौके पर पहुंचा और बाइक वहीं छोड़ दी। पूछताछ में दीपू सैनी ने पुलिस को बताया कि करीब छह माह पहले बुध बाजार में उसने फड़ रेहड़ी का ठेका लिया था तो सुभाष ने उसे धमकाया था।
करीब एक माह पूर्व करुला निवासी वसीम इलाके में सट्टे का ठेका सुभाष को देर रहा था जिसमें दीपू रुकावट बन गया था। यह बात सुभाष को पता चल गई थी। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।