शौकत हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। पुलिस तहकीकात में पता चला है कि शौकत की हत्या से करीब आधा घंटा पहले कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भाई महमूद उर्फ भूरा ने उसे दो बार कॉल की थी। हालांकि दोनों बार दोनों के बीच बेहद संक्षिप्त बात हुई।
एक बार 52 सेकेंड तो दूसरी बार महज 38 सेकेंड। शौकत की सीडीआर से मर्डर केस की गुत्थी को सुलझा रही पुलिस को यह भी पता चला है कि हत्या से करीब 40 मिनट पहले शौकत ने मंत्री के रिश्तेदार पंप संचालक को फोन पर धमकी दी थी। माना जा रहा है कि भूरा ने अपने रिश्तेदार को मिली इसी धमकी के रिएक्शन में शौकत को फोन किया था।
शौकत के मोबाइल नंबर की सीडीआर से पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि घटना वाले दिन संभल निवासी नासिर लंगड़े के बेटे का जिलानी के पंप पर तेल डलवाले को लेकर झगड़ा हुआ था। पेट्रोल पंप के सेल्स मैन ने उसकी पिटाई कर दी थी। नासिर लंगड़ा शौकत पाशा का रिश्तेदार है। लिहाजा पंप पर हुई घटना की सूचना नासिर के बेटे ने शौकत को दी थी। रिश्तेदार की पिटाई की बात सुनकर तमतमाए शौकत ने पंप संचालक गुलाम जिलानी को फोन कर अंजाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस छानबीन में पता चला है कि जिस वक्त शौकत पाशा ने गुलाम जिलानी को फोन पर धमकाया, उस वक्त गुलाम जिलानी रजबपुर में पेट्रोल पंप पर कैबिनेट मंत्री महबूब अली के भाई महमूद उर्फ भूरा के साथ ही बैठा था। रजबपुर का यह पेट्रोल पंप भी मंत्री के रिश्तेदार का ही है और इस पंप पर एक दिन पहले ही डकैती पड़ी थी।
पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि गुलाम जिलानी और शौकत के बीच हॉटटॉक हुई तो भूरा ने जिलानी से फोन करने वाले के बारे में पूछा। शौकत का नाम सुनते ही भूरा ने अपने रिश्तेदार गुलाम जिलानी से उसका नंबर मांगा और खुद शौकत को फोन मिला दिया। इस बीच भूरा ने दो बार शौकत को कॉल किया। दोनों बीच क्या बात हुई? पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है। माना जा रहा है कि भूरा ने शौकत को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन तमतमाया शौकत कुछ सुनने को तैयार नहीं था। पुलिस का मानना है कि उन दोनों में गरमागरमी हो गई।