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पुलिस और अभियोजन की जोड़ी मुल्जिमों को दिलाएगी सजा

Fri, 09 Sep 2016 11:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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पहल - फोटो : अमर उजाला
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 डा. भीम राव अंबेडकर पुलिस अकादमी में गुरुवार को डीजी प्रॉसीक्यूशन डा. सूर्य प्रताप शुक्ला ने करीब दो घंटे का लेक्चर दिया। ट्रेनी सीओ और एपीओ को उन्होंने बताया कि पुख्ता सबूत और कोर्ट में मजबूत पैरवी की बदौलत ही मुल्जिमों को सजा दिलाई जाती है। इसके लिए पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। दोनों ही अपनी ड्यूटी को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ पूरा करें। 
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उन्होंने कहा कि घटना के गवाह को सम्मान मिलना चाहिए। ताकि वह गवाही देने पहुंचे। उनकी सुरक्षा में किसी तरह की कोई चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बीच बीच में कुछ घटनाओं के उदाहरण भी दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी मेहनत से अपनी ड्यूटी कर मुल्जिमों को सलाखों तक पहुंचा रही है, लेकिन सजा दिलाना अभियोजन का काम होता है।
अभियोजन को भी अपनी ड्यूटी पूरी मेहनत से करनी चाहिए। तब ही मुल्जिमों को सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और अभियोजन के बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। मीटिंग में एडीजी पुलिस अकादमी में आनंद कुमार, अभियोजन एडिशनल डायरेक्टर शशि कांत शर्मा  ज्वाइंट डायरेक्टर केपी सिंह मौजूद रहे। 
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पीले कार्ड से गवाह को मिलेगी सुरक्षा
मुरादाबाद। डीजी अभियोजन डा. सूर्य प्रकाश शुक्ला ने मीटिंग में बताया कि आने वाले समय में संगीन वारदातों के गवाह को पीला कार्ड दिया जाए। इस कार्ड को दिखाकर गवाह थाने चौकी जाकर सुरक्षा ले सकता है। उन्होंने कहा कि मुल्जिमों को सजा दिलाने में गवाही मुख्य बिंदू है। ऐसे में गवाह की जान को खतरा भी हो चुका है। गवाहों की सुरक्षा और उनका सम्मान हो चाहिए। 

साक्ष्य सुरक्षा के बारे में बताया
मुरादाबाद। ट्रेनी  सीओ और एपीओ को डीजी प्रॉसीक्यूशन बताया कि साक्ष्य की सुरक्षा भी बहुत जरू री होती है। घटनास्थल से बहुत पुलिस को मिल जाता है। ये सबूत ही पुलिस को अपराधियों को पहुंचाते हैं और अपराधियों को सजा दिलाने में ही मदद मिलती है। 

जमानत निरस्तीकरण अभियान
मुरादाबाद। उन्होंने अपने लेक्चर में बताया कि अपराधियों की जमानत नहीं होने दें। जमानत निरस्तीकरण के लिए अभियान चलाए। उन्होंने बताया कि अपराधी जमानत पर रिहा होने के बाद गवाह और पीड़ित पर दबाव बनाकर केस को अपने पक्ष में करा लेत हैं। ऐसे में मुल्जिमों की जमानत ही नहीं होनी चाहिए। 
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