कलेक्ट्रेट स्थित ट्रेजरी आफिस का बाबू चरन सिंह गुरुवार शाम रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उसे दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए ट्रेजरी आफिस से गिरफ्तार कर लिया।
होमगार्ड विभाग के बीओ की विधवा से पेंशन एरियर दिलाने की एवज में बाबू ने 12 हजार रुपये की मांग की थी। एंटी करप्शन की ओर से बाबू के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
बिलारी स्थित महाराणा प्रताप बाल विद्या मंदिर के प्रबंधक केपी सिंह राणा के पिता सोदान सिंह होमगार्ड विभाग में बीओ के पद पर तैनात थे। 2003 में सोदान सिंह का देहांत हो गया था। इसके बाद केपी सिंह राणा की मां वीरवती को पारिवारिक पेंशन मिलने लगी थी।
नियमानुसार सात साल बाद पेंशन आधी हो जाती है। लेकिन कुछ वक्त पहले सरकार ने तीन साल का समय बढ़ा दिया है। केपी सिंह राणा ने ट्रेजरी विभाग में बाबू चरन सिंह निवासी नवीन नगर थाना सिविल लाइंस से अपनी मां की पेेंशन के बारे में जानकारी की।
तब बाबू ने तीन साल में 1.97 लाख रुपये एयिर बताया। लेकिन भुगतान की एवज में बाबू ने 25 फीसदी कमीशन की डिमांड रख दी। बाबू ने केपी सिंह से 40 हजार रुपये मांगे, लेकिन बाद में 12 हजार में एरियर का भुगतान करने पर राजी हो गया। केपी सिंह ने दो हजार रुपये बाबू को एडवांस में दे दिए।
इसके बाद उसने एंटी करप्शन ब्यूरो में जाकर बाबू की शिकायत कर दी। एंटी करप्शन की सीओ प्रज्ञा मिश्रा के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने बाबू को पकड़ने के लिए गुरुवार को जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक केपी सिंह शाम को पांच बजे रिश्वत की रकम दस हजार रुपये लेकर बाबू चरन सिंह के पास ट्रेजरी आफिस पहुंचा।
चरन सिंह ने जैसे ही दो - दो हजार के पांच नोट केपी सिंह से लिए, तभी बाहर खड़ी एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। एंटी करप्शन टीम ने केमिकल लगे नोट बाबू के हाथ से लिए और उसके हाथ धुलवाकर रंगीन पानी बोतल में सील कर दिया।
एंटी करप्शन की कार्रवाई से कलेक्ट्रेट में खलबली मच गई। गिरफ्तार करने के बाद एंटी करप्शन की टीम बाबू को सिविल लाइंस थाने ले आई। यहां सीओ प्रज्ञा मिश्रा ने बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। इसकी विवेचना एंटी करप्शन टीम ही करेगी।
एंटी करप्शन की सीओ प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि बिलारी के एक व्यक्ति ने शिकायत की थी। गुरुवार को पीड़ित व्यक्ति को रकम लेकर बाबू के पास भेजा। बाबू ने जैसे ही रकम ली। इसके बाद उसे मौके पर ही रकम के साथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।