एनआईए के डीएसपी तंजील अहमद की हत्या में पुलिस को जिस मुनीर की सरगर्मी से तलाश है वह हत्याकांड से कुछ दिन पहले हरथला में स्थित अपने पिता माहताब की टाइल्स की दुकान पर आया था। मुनीर के साथ उसका एक दोस्त भी था।
मुनीर ने स्टाफ से कोल्ड ड्रिंक लाने को कहा था लेकिन इससे पहले कि नौकर कोल्ड ड्रिंक लाता मुनीर दोस्त समेत बिना कुछ बताए अचानक गायब हो गया था। इसके कुछ दिन बाद ही तंजील की हत्या हो गई। इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए दो दिन पहले एसटीएफ मुनीर के पिता को हरथला उसकी दुकान से ले गई थी।
मुनीर की तलाश में एसटीएफ, एनआईए और पुलिस की टीमों ने हरथला समेत कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापामारी की है। बिजनौर जिले के स्योहारा थाना क्षेत्र में सहसपुर गांव निवासी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद की शनिवार रात की गई दुस्साहसिक हत्या में मुख्य आरोपी के तौर पर उभरकर सामने आया सहसपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मुनीर लंबे वक्त से मुरादाबाद में ही छुपा था।
अलीगढ़ के आलमगीर हत्याकांड में वांटेड होने के बावजूद वह मुरादाबाद में अपने पिता की दुकान पर बेझिझक उठता बैठता था। पिछले कुछ सालों से उसका सहसपुर आना जाना कम था, उसका ज्यादा वक्त अलीगढ़ और मुरादाबाद में ही बीत रहा था। हरथला में गुलाब मसजिद के ठीक सामने उसके पिता माहताब की टाइल्स की दुकान है।
आसपास के लोगों और पुलिस का कहना है कि मुनीर अक्सर पिता की दुकान पर दिखाई देता था। माहताब को दो दिन पहले पूछताछ के लिए एसटीएफ दुकान से अपने साथ ले गई थी। फिलहाल टाइल्स की दुकान स्टाफ के हवाले है। स्टाफ का कहना है कि मुनीर कुछ दिन पहले एक दोस्त के साथ दुकान पर आया था।
उसने स्टाफ को कोल्ड ड्रिंक लाने भेजा लेकिन फिर अचानक से गायब हो गया था, उसके बाद से वह दुकान पर नहीं आया। तंजील हत्याकांड में पुलिस के लिए सिरदर्द बनने के बाद आलमगीर हत्याकांड में डेढ़ साल से फरार चल रहे मुनीर पर शुक्रवार को डीजीपी ने पचास हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। लेकिन इससे पहले डेढ़ साल तक वह खुलेआम मुरादाबाद में घूम रहा था।