मझोला के आकाश सैनी अपहरण कांड में छह माह से फरार चल रहे मयंक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। मयंक ने अपहरण में इस्तेमाल की गई कार के ड्राइवर का नाम भी उगल दिया है। उसने पुलिस को बताया है कि घटना के वक्त कार को हरथला निवासी अजय शर्मा चला रहा था। जिसके बाद पुलिस ने अजय से भी पूछताछ की है।
मझोला थाना क्षेत्र में सम्राट अशोक नगर से एक अगस्त 2015 को दोपहर करीब दो बजे छात्र आकाश सैनी (10) पुत्र स्व. विनोद सैनी का अपहरण कर लिया गया था।
अपहरणकर्ता छात्र को नशे का इंजेक्शन देने के बाद बेहोश करके कार में डालकर हरिद्वार हाईवे पर ले गए थे। अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को छोड़ने की एवज में फिरौती की मांग की थी। लेकिन प्लान बिगड़ जाने की वजह से अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को अगवानपुर के पास स्थित फत्तेहपुर विश्नोई के जंगल में छोड़ दिया था। मझोला पुलिस ने उसी दिन बच्चे को बरामद कर लिया था।
अपहरण में बच्चे का पड़ोसी सम्राट अशोक नगर निवासी मोहित पुत्र डालचंद्र कश्यप, पंकज पुत्र रामजीलाल निवासी कासगंज एटा हाल निवासी बुद्धि विहार, मयंक पुत्र महेश चंद्र निवासी बुद्धि विहार, संदीप उर्फ सैंडी उर्फ सोनू पुत्र पंकज कुमार और एक अज्ञात ड्राइवर शामिल था। विवेचक करम सिंह पाल ने बताया कि मोहित, पंकज और संदीप को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है जबकि मयंक ने 29 जनवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
इंस्पेक्टर मझोला राजेश द्विवेदी ने बताया कि मयंक ने अपने बयानों में कहा है कि जिस कार से बच्चे का अपहरण किया गया था, घटना के वक्त उसे हरथला निवासी अजय शर्मा चला रहा था। इंस्पेक्टर ने बताया कि ड्राइवर अजय शर्मा से पूछताछ की गई है। उसने घटना के वक्त कार चलाना कबूल किया है। कार मालिक के बयान और अन्य साक्ष्य एकत्र करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।