अमरोहा के चांदपुर निवासी जयसुख के घर अचानक ढ़ाई लाख रुपये का चेक पहुंचा तो वह परेशान हो गया। उसने गांव के लोगों से राय ली। इसके बाद वह चेक लेकर सीधा रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की मुरादाबाद शाखा में पहुंचा। उसने कंपनी के अफसरों के साथ पेश होकर बताया कि वह जिंदा। न तो उसने कोई बीमा कराया है। न ही उसकी किसी बीमा करने वाले एजेंट व अन्य व्यक्ति से बात हुई है।
ये देखकर अफसर भी हैरान हो गए। उन्होंने तुरंत इस मामले की जानकारी अपने हेड ऑफिस भेजी और चेक बाउंस करा दिया। तब पता चला कि सेल्समैनेजर हरिओम सैनी अपने साथियों के साथ मिलकर 14 अगस्त 2013 को जयसुख बीमा पालिसी कराई।
13 अप्रैल 2016 को बीमा कंपनी के दफ्तर में एक महिला पहुंची। उसने कागजातों के साथ बताया कि उसके पति जयसुख की पत्नी साधना है। उसने बताया कि 30 जनवरी 2016 को उसके पति की मौत हो चुकी है। दो मई 2016 को जयसुख पेश हुआ और उसने बताया कि वह जिंदा है।
हाई प्रोफाइल गैंग की जड़े उखाड़ने में पुलिस को लगेगा समय
हाईप्रोफाइल गैंग जिंदा लोगों का बीमा फर्जी कागजों से करा लेता था और फिर उनके फर्जी डेथ सर्टिफिकेट और अन्य जाली दस्तावेज तैयार करके क्लेम की रकम हड़प ली जाती थी। ग्राम प्रधानों से लेकर सरकारी कुर्सियों पर बैठे तमाम महकमों के लोग इस गोरखधंधे में शामिल है।
बिरला सन लाइफ और बजाज एलायंज ने इनके खिलाफ दर्ज कराया केस
बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की मुरादाबाद शाखा के ब्रांच हेड आलोक अस्थाना ने मझोला थाने में तत्कालीन एजेंट अश्वनी कुमार और एडवाइजर व एजेंसी मैनेजर नीरज के खिलाफ केस दर्ज कराया है, जबकि बजाज एलायंज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक विनय रावत ने सेल्स मैनेजर अशरफ अली, राजीव कुमार, राज कुमार पटेल, राकेश कुमार, हरिओम सैनी, संजय गिरी, और इंश्योरेंस कंसलटेंट एजेंट फहीम, विनोद कुमार, मो. अजमी सीमा देवी, नेमपाल सिंह, रोहताश, धर्मवीर सिंह, विनय यादव, रमेश और संजीव कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें
मुरादाबाद। करोड़ों रुपये के घोटाले में आरोपी बनाए गए कंपनी अफसर और कर्मचारी की धरपकड़ को पुलिस छापेमारी कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस को क्लू में मिलेंगे। मझोला थाने के इंस्पेक्टर राजेश द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एक टीम बाहर गई है। हरिओम के साथियों के ठिकानों पर दबिश दी गई। हालांकि आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। जबकि दस्तावेजों की भी जांच पड़ताल की जा रही है।